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Hamirpur (Himachal) News: सर्वे के बाद चार साल से फाइलों में ‘हिचकोले’ खा रहा रोपवे
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रोपवे बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। चार वर्ष पूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी (बुनियादी ढांचा विकास निगम) की ओर से पर्यटन की दृष्टि से दियोटसिद्ध क्षेत्र को विकसित करने के लिए सर्वे किया गया था लेकिन अभी तक रोपवे बनाने का कार्य केवल फाइलों में घूम रहा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों की तरफ से सिद्धपीठ को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के दावे किए जाते हैं लेकिन अभी तक ये दावे धरातल पर नहीं उतर सके हैं।
स्थानीय लोगों राजेश कुमार, सुरेंद्र राणा, करण सिंह, दिनेश ठाकुर आदि ने कहा कि विधानसभा चुनाव और चैत्र मेलों के दौरान बाबा बालकनाथ मंदिर में रोपवे बनाने की चर्चा होती है। कई बार बाबा बालकनाथ की नगरी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणाएं हो चुकी हैं। अभी तक इस योजना को धरातल पर लागू नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि चैत्र मेलों के दौरान शाहतलाई में पूजा के बाद पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूर्व में भी सरकार ने प्रदेश में कई जगह रज्जू मार्ग बनाने के लिए जिन रोपवे की सूची जारी की थी, उसमें दियोटसिद्ध का नाम शामिल नहीं था। अगर यहां पर रोपवे बनता है तो जहां श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा प्राप्त होगी। वहीं, दियोटसिद्ध क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित हो पाएगा।
मंदिर अधिकारी धर्मपाल नेगी ने कहा कि एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से 65 करोड़ की योजना पर कार्य किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं देने का प्रयास की भी किया गया है। विभाग के अधिकारियों ने दियोटसिद्ध नगरी में निरीक्षण किया है। रोपवे बनाने से पहले इसकी प्रपोजल तैयार की जाएगी और सरकार को प्रेषित की जाएगी।
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बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रोपवे बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। चार वर्ष पूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी (बुनियादी ढांचा विकास निगम) की ओर से पर्यटन की दृष्टि से दियोटसिद्ध क्षेत्र को विकसित करने के लिए सर्वे किया गया था लेकिन अभी तक रोपवे बनाने का कार्य केवल फाइलों में घूम रहा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों की तरफ से सिद्धपीठ को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के दावे किए जाते हैं लेकिन अभी तक ये दावे धरातल पर नहीं उतर सके हैं।
स्थानीय लोगों राजेश कुमार, सुरेंद्र राणा, करण सिंह, दिनेश ठाकुर आदि ने कहा कि विधानसभा चुनाव और चैत्र मेलों के दौरान बाबा बालकनाथ मंदिर में रोपवे बनाने की चर्चा होती है। कई बार बाबा बालकनाथ की नगरी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणाएं हो चुकी हैं। अभी तक इस योजना को धरातल पर लागू नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि चैत्र मेलों के दौरान शाहतलाई में पूजा के बाद पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूर्व में भी सरकार ने प्रदेश में कई जगह रज्जू मार्ग बनाने के लिए जिन रोपवे की सूची जारी की थी, उसमें दियोटसिद्ध का नाम शामिल नहीं था। अगर यहां पर रोपवे बनता है तो जहां श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा प्राप्त होगी। वहीं, दियोटसिद्ध क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित हो पाएगा।
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मंदिर अधिकारी धर्मपाल नेगी ने कहा कि एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से 65 करोड़ की योजना पर कार्य किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं देने का प्रयास की भी किया गया है। विभाग के अधिकारियों ने दियोटसिद्ध नगरी में निरीक्षण किया है। रोपवे बनाने से पहले इसकी प्रपोजल तैयार की जाएगी और सरकार को प्रेषित की जाएगी।
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