{"_id":"616480988ebc3e627031d208","slug":"after-one-and-a-half-year-63-43-percent-students-of-class-viii-reached-school-hamirpur-hp-news-sml3868956109","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ साल बाद आठवीं कक्षा के 63.43 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ साल बाद आठवीं कक्षा के 63.43 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे स्कूल
विज्ञापन
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में पढ़ाते अध्यापक।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। स्थान: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर। सोमवार को समय सुबह के 8 बजकर 33 मिनट हो रहे हैं। गेट पर हर विद्यार्थी की सैनिटाइेजशन और थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। वहीं, डेढ़ साल बाद स्कूल आने पर कक्षा आठवीं के विद्यार्थी काफी उत्साहित दिख रहे हैं। साढे़ नौ बज चुके हैं और स्कूल में सुबह की प्रार्थना का आयोजन नहीं किया गया। सभी विद्यार्थियों को अपनी कक्षाओं में अध्यापकों ने बैठाया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 10: 30 हो गए हैं। कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। सबसे पहले कमरे में दसवीं कक्षा बैठी हुई है।
अध्यापक चंद्र लता बच्चों को सामाजिक विज्ञान पढ़ा रही हैं। सभी विद्यार्थियों ने मास्क लगाए हैैं और एक बेंच पर एक ही विद्यार्थी बैठा है। सुबह के 11 बजे हैं और कक्षा आठवीं की क्लास लगी है। विद्यार्थी हिंदी विषय पढ़ रहे हैं। अध्यापक कमला शर्मा विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। सुबह 11:30 बजे हैं और नवमी कक्षा की वोकेशनल विषय की कक्षा चली हुई है। अध्यापक पूनम विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। हेल्थ एंड केयर विषय की जानकारी बच्चों को दी जा रही है। सभी बच्चे ध्यानपूर्वक अध्यापक को सुन रहे हैं। 12 बजे हैं और जमा एक की हिंदी विषय की कक्षा लगी है। इस कक्षा में कबीर की जीवनी व दोहों पर चर्चा की जा रही है।
वहीं, इस कक्षा में भी सभी विद्यार्थी मास्क लगाकर आए हैं और अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। विद्यार्थी भी लंबे समय के बाद स्कूल आकर खुश नजर आ रहे हैं। इसी समय जमा दो की राजनीतिक शास्त्र की कक्षा लगी हुई है। अध्यापक सुनील कुमार विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। वहीं, स्कूल की प्रधानाचार्य नीना ठाकुर ने कहा कि स्कूल में सभी नियमों का कढ़ाई से पालन किया जा रहा है। स्कूल में आठवीं से जमा दो तक कुल 399 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं जिसमें से 226 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
विज्ञापन
वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक दिलबर जीत चंद्र ने कहा कि जिले में सोमवार को नवमी के 68.17 फीसदी, दसवीं के 75.10 फीसदी, जमा एक में 62.09 फीसदी, जमा दो में 59.10 फीसदी विद्यार्थी स्कूल आए। वहीं, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक संजय ठाकुर ने कहा कि कक्षा आठवीं में कुल 4147 विद्यार्थी हैं, इनमें से 2628 विद्यार्थी स्कूल आए। यानी 63.43 फीसदी विद्यार्थी पहले दिन स्कूल पहुंचे।
नियमित कक्षाएं लगाने का निर्णय सही : कृष्णा
कक्षा दसवीं के कृष्णा ने कहा कि नियमित कक्षाएं लगाने का निर्णय सही है। अब पढ़ाई सुचारु रूप से हो पाएगी। कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित होती रही है। ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाती हैं, लेकिन नेटवर्क समस्याओं के कारण काफी दिक्कत होती रही। अब स्कूल खुल गए हैं और पढ़ाई अच्छे से होती रहेगी। अब स्कूलों को बंद नहीं करना चाहिए बल्कि पूरे इंतजामों के साथ स्कूल खुले रखने चाहिए।
स्कूल खुलने के बाद मिली काफी राहत : केशव
कक्षा आठवीं के केशव राणा ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद काफी राहत मिली है। लगातार मोबाइल से पढ़ाई करने के कारण आंखों में भी असर हो रहा है। अध्यापकों से ऑफलाइन पढ़ना ही सबसे अधिक लाभदायक होता है। ऑनलाइन कक्षाओं में कई तथ्य स्पष्ट भी नहीं हो पाते, लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में ऐसी कोई परेशानी नहीं होती।
अध्यापकों ने समय-समय पर की सहायता : अंशु
नौवीं कक्षा के अंशु ने कहा कि स्कूल खुलने से अब पढ़ाई अच्छे से हो पाएगी। कोरोना के कारण पढ़ाई पर काफी प्रभाव पड़ा। लंबे समय तक घरों में रहने के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। अध्यापकों ने समय-समय पर सहायता की, लेकिन जो पढ़ाई ऑफलाइन होती है वह ऑनलाइन नहीं हो पाती।
बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत : अखिल
जमा दो के अखिल ने कहा कि स्कूल खुल गए हैं और नियमित तौर पर स्कूल आएंगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए अब ऑफलाइन कक्षाएं लगाकर खूब मेहनत की जाएगी। स्कूल आने पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई और हैंड सैनिटाइजेशन भी की गई।
स्कूल खुलने से काफी लाभ होगा : दीप
जमा एक के दीप कुमार ने कहा कि स्कूल खुलने से काफी लाभ हो रहा है। सभी विद्यार्थी मन लगा कर पढ़ रहे हैं। ऑफलाइन से ज्यादा ऑनलाइन पढ़ाई ज्यादा प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अध्यापक बहुत सहायता कर रहे हैं।
विज्ञापन
अध्यापक चंद्र लता बच्चों को सामाजिक विज्ञान पढ़ा रही हैं। सभी विद्यार्थियों ने मास्क लगाए हैैं और एक बेंच पर एक ही विद्यार्थी बैठा है। सुबह के 11 बजे हैं और कक्षा आठवीं की क्लास लगी है। विद्यार्थी हिंदी विषय पढ़ रहे हैं। अध्यापक कमला शर्मा विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। सुबह 11:30 बजे हैं और नवमी कक्षा की वोकेशनल विषय की कक्षा चली हुई है। अध्यापक पूनम विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। हेल्थ एंड केयर विषय की जानकारी बच्चों को दी जा रही है। सभी बच्चे ध्यानपूर्वक अध्यापक को सुन रहे हैं। 12 बजे हैं और जमा एक की हिंदी विषय की कक्षा लगी है। इस कक्षा में कबीर की जीवनी व दोहों पर चर्चा की जा रही है।
विज्ञापन
वहीं, इस कक्षा में भी सभी विद्यार्थी मास्क लगाकर आए हैं और अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। विद्यार्थी भी लंबे समय के बाद स्कूल आकर खुश नजर आ रहे हैं। इसी समय जमा दो की राजनीतिक शास्त्र की कक्षा लगी हुई है। अध्यापक सुनील कुमार विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। वहीं, स्कूल की प्रधानाचार्य नीना ठाकुर ने कहा कि स्कूल में सभी नियमों का कढ़ाई से पालन किया जा रहा है। स्कूल में आठवीं से जमा दो तक कुल 399 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं जिसमें से 226 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
विज्ञापन
वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक दिलबर जीत चंद्र ने कहा कि जिले में सोमवार को नवमी के 68.17 फीसदी, दसवीं के 75.10 फीसदी, जमा एक में 62.09 फीसदी, जमा दो में 59.10 फीसदी विद्यार्थी स्कूल आए। वहीं, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक संजय ठाकुर ने कहा कि कक्षा आठवीं में कुल 4147 विद्यार्थी हैं, इनमें से 2628 विद्यार्थी स्कूल आए। यानी 63.43 फीसदी विद्यार्थी पहले दिन स्कूल पहुंचे।
नियमित कक्षाएं लगाने का निर्णय सही : कृष्णा
कक्षा दसवीं के कृष्णा ने कहा कि नियमित कक्षाएं लगाने का निर्णय सही है। अब पढ़ाई सुचारु रूप से हो पाएगी। कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित होती रही है। ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाती हैं, लेकिन नेटवर्क समस्याओं के कारण काफी दिक्कत होती रही। अब स्कूल खुल गए हैं और पढ़ाई अच्छे से होती रहेगी। अब स्कूलों को बंद नहीं करना चाहिए बल्कि पूरे इंतजामों के साथ स्कूल खुले रखने चाहिए।
स्कूल खुलने के बाद मिली काफी राहत : केशव
कक्षा आठवीं के केशव राणा ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद काफी राहत मिली है। लगातार मोबाइल से पढ़ाई करने के कारण आंखों में भी असर हो रहा है। अध्यापकों से ऑफलाइन पढ़ना ही सबसे अधिक लाभदायक होता है। ऑनलाइन कक्षाओं में कई तथ्य स्पष्ट भी नहीं हो पाते, लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में ऐसी कोई परेशानी नहीं होती।
अध्यापकों ने समय-समय पर की सहायता : अंशु
नौवीं कक्षा के अंशु ने कहा कि स्कूल खुलने से अब पढ़ाई अच्छे से हो पाएगी। कोरोना के कारण पढ़ाई पर काफी प्रभाव पड़ा। लंबे समय तक घरों में रहने के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। अध्यापकों ने समय-समय पर सहायता की, लेकिन जो पढ़ाई ऑफलाइन होती है वह ऑनलाइन नहीं हो पाती।
बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत : अखिल
जमा दो के अखिल ने कहा कि स्कूल खुल गए हैं और नियमित तौर पर स्कूल आएंगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए अब ऑफलाइन कक्षाएं लगाकर खूब मेहनत की जाएगी। स्कूल आने पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई और हैंड सैनिटाइजेशन भी की गई।
स्कूल खुलने से काफी लाभ होगा : दीप
जमा एक के दीप कुमार ने कहा कि स्कूल खुलने से काफी लाभ हो रहा है। सभी विद्यार्थी मन लगा कर पढ़ रहे हैं। ऑफलाइन से ज्यादा ऑनलाइन पढ़ाई ज्यादा प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अध्यापक बहुत सहायता कर रहे हैं।