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Hamirpur (Himachal) News: गुटखा-खैनी की लत बढ़ा रही मुंह के कैंसर का खतरा
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हमीरपुर। गुटखा और खैनी की लत कम उम्र में ही मुंह की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा रही है। धनेटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ओरल कैंसर स्क्रीनिंग के दौरान हर माह पांच से छह संदिग्ध प्री-कैंसर मामले सामने आ रहे हैं। इनमें 26 से 30 वर्ष की उम्र के लोग भी शामिल हैं। हालांकि, अब तक जांच में मुंह के कैंसर की पुष्टि नहीं हुई है।
सीएचसी में मुंह के कैंसर की आशंका वाले मरीजों की जांच की जा रही है। संदिग्ध मामलों में आवश्यक नमूने पैथोलॉजी लैब भेजे जाते हैं। समय रहते प्री-कैंसर की पहचान होने पर उचित उपचार से बीमारी के आगे बढ़ने का जोखिम कम किया जा सकता है। केंद्र में इसके उपचार की सुविधा भी शुरू की गई है।
तंबाकू का सेवन करने वालों को मुंह में लंबे समय तक रहने वाले घाव और सफेद या लाल धब्बों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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मीठा खाकर दांतों की सफाई भूल रहे बच्चे
दांतों की सफाई में लापरवाही बच्चों की सेहत पर भी असर डाल रही है। धनेटा सीएचसी में रोजाना दो से तीन बच्चे दांत खराब होने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चॉकलेट और अन्य मीठी चीजें खाने के बाद दांतों की सफाई नहीं करने से सड़न का खतरा बढ़ जाता है।
मेडिकल ऑफिसर डेंटल एवं ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार राणा ने बताया कि बच्चों में छोटी उम्र से ही दांतों की सफाई की आदत विकसित करना जरूरी है। नियमित ब्रशिंग और मुंह की उचित सफाई से दांतों की कई समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
25 से 40 वर्ष की महिलाएं भी दांतों की समस्या से परेशान
धनेटा सीएचसी में हर माह 25 से 40 वर्ष की उम्र की महिलाएं भी दांतों की समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रही हैं। नियमित ब्रश न करना और मुंह की स्वच्छता पर ध्यान नहीं देना इसकी संभावित वजहों में शामिल हैं।
ये बरतें सावधानियां
सुबह और रात को सोने से पहले दिन में दो बार ब्रश करें।
बच्चों को मीठी चीजें खाने के बाद दांतों की सफाई के लिए प्रेरित करें।
गुटखा और खैनी का सेवन छोड़ें तथा नियमित रूप से मुंह की जांच कराएं।
मुंह में लंबे समय तक घाव रहने या सफेद-लाल धब्बे दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
-मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। बीमारी की आशंका पर मरीज को जांच अवश्य करवानी चाहिए। -डॉ. सतीश कुमार, सीएमओ हमीरपुर
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सीएचसी में मुंह के कैंसर की आशंका वाले मरीजों की जांच की जा रही है। संदिग्ध मामलों में आवश्यक नमूने पैथोलॉजी लैब भेजे जाते हैं। समय रहते प्री-कैंसर की पहचान होने पर उचित उपचार से बीमारी के आगे बढ़ने का जोखिम कम किया जा सकता है। केंद्र में इसके उपचार की सुविधा भी शुरू की गई है।
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तंबाकू का सेवन करने वालों को मुंह में लंबे समय तक रहने वाले घाव और सफेद या लाल धब्बों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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मीठा खाकर दांतों की सफाई भूल रहे बच्चे
दांतों की सफाई में लापरवाही बच्चों की सेहत पर भी असर डाल रही है। धनेटा सीएचसी में रोजाना दो से तीन बच्चे दांत खराब होने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चॉकलेट और अन्य मीठी चीजें खाने के बाद दांतों की सफाई नहीं करने से सड़न का खतरा बढ़ जाता है।
मेडिकल ऑफिसर डेंटल एवं ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार राणा ने बताया कि बच्चों में छोटी उम्र से ही दांतों की सफाई की आदत विकसित करना जरूरी है। नियमित ब्रशिंग और मुंह की उचित सफाई से दांतों की कई समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
25 से 40 वर्ष की महिलाएं भी दांतों की समस्या से परेशान
धनेटा सीएचसी में हर माह 25 से 40 वर्ष की उम्र की महिलाएं भी दांतों की समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रही हैं। नियमित ब्रश न करना और मुंह की स्वच्छता पर ध्यान नहीं देना इसकी संभावित वजहों में शामिल हैं।
ये बरतें सावधानियां
सुबह और रात को सोने से पहले दिन में दो बार ब्रश करें।
बच्चों को मीठी चीजें खाने के बाद दांतों की सफाई के लिए प्रेरित करें।
गुटखा और खैनी का सेवन छोड़ें तथा नियमित रूप से मुंह की जांच कराएं।
मुंह में लंबे समय तक घाव रहने या सफेद-लाल धब्बे दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
-मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। बीमारी की आशंका पर मरीज को जांच अवश्य करवानी चाहिए। -डॉ. सतीश कुमार, सीएमओ हमीरपुर