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दुकानों के आवंटन में चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप
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सुजानपुर (हमीरपुर)। धौलासिद्ध पावर प्रोजेक्ट एसजेवीएन कंपनी की ओर से प्रदान की गई 60 लाख की आर्थिक सहायता से नगर परिषद सुजानपुर में नवनिर्मित दुकानों के आवंटन को लेकर भाजपाइयों का एक वर्ग अंदरखाते खासा नाराज है। वहीं, दूसरा गुट दुकानों का श्रेय लेने की होड़ में है। एक गुट में रोष है कि दुकानों की आवंटन प्रक्रिया में कई पात्र परिवारों को दरकिनार कर दिया गया। जबकि अपात्रों को दोहरा लाभ दिया गया है। जिस तरह पैतृक संपत्ति के वारिस हकदार होते हैं, उसी तरह नगर परिषद में भी दुकानों का आवंटन हुआ है।
वर्षों पहले रेहड़ी-फड़ी के काम को बंद कर चुके लोगों तथा जिन लोगों की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवार के सदस्यों को अब प्रशासन ने दुकानें आवंटित कर दी हैं। ऐसे लोगों की खासी लाटरी निकल गई है। जबकि, खुद वर्षों से आजीविका कमा रहे रेहड़ी वालों को दरकिनार कर दिया गया है। नाराज धड़े का कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे भले ही कानूनी पचड़े में न पड़ें, लेकिन समय आने पर जवाब दिया जाएगा।
सुजानपुर चौगान के साथ धौलासिद्ध प्रोजेक्ट ने 60 लाख से अधिक धनराशि खर्च कर तीन दर्जन के करीब दुकानों का निर्माण किया है। नगर परिषद सुजानपुर की ओर से इन दुकानों का आवंटन उन गरीब तबके के लिए किया जाना था, जो वर्षों से उस स्थान पर अपनी आजीविका कमा रहे थे। लेकिन, दुकानों के आवंटन में चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है। वहीं, पत्नी के नाम से पहले से खोखा होने के बाद पति को भी दुकानें आवंटित की गईं। वहीं, स्थानीय नेता इन दुकानों के निर्माण का श्रेय लेने के कारण सामने कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर खासे तिलमिलाए हुए हैं। नगर परिषद के ईओ संजय कुमार ने बताया कि नगर परिषद की बैठक में दुकानें आवंटित करने को लेकर सूची सबके सामने बनी है। जिसमें सभी पार्षद मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता उपमंडल अधिकारी नागरिक शिल्पी बेक्टा ने की थी।
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वर्षों पहले रेहड़ी-फड़ी के काम को बंद कर चुके लोगों तथा जिन लोगों की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवार के सदस्यों को अब प्रशासन ने दुकानें आवंटित कर दी हैं। ऐसे लोगों की खासी लाटरी निकल गई है। जबकि, खुद वर्षों से आजीविका कमा रहे रेहड़ी वालों को दरकिनार कर दिया गया है। नाराज धड़े का कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे भले ही कानूनी पचड़े में न पड़ें, लेकिन समय आने पर जवाब दिया जाएगा।
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सुजानपुर चौगान के साथ धौलासिद्ध प्रोजेक्ट ने 60 लाख से अधिक धनराशि खर्च कर तीन दर्जन के करीब दुकानों का निर्माण किया है। नगर परिषद सुजानपुर की ओर से इन दुकानों का आवंटन उन गरीब तबके के लिए किया जाना था, जो वर्षों से उस स्थान पर अपनी आजीविका कमा रहे थे। लेकिन, दुकानों के आवंटन में चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है। वहीं, पत्नी के नाम से पहले से खोखा होने के बाद पति को भी दुकानें आवंटित की गईं। वहीं, स्थानीय नेता इन दुकानों के निर्माण का श्रेय लेने के कारण सामने कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर खासे तिलमिलाए हुए हैं। नगर परिषद के ईओ संजय कुमार ने बताया कि नगर परिषद की बैठक में दुकानें आवंटित करने को लेकर सूची सबके सामने बनी है। जिसमें सभी पार्षद मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता उपमंडल अधिकारी नागरिक शिल्पी बेक्टा ने की थी।
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