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वार्ड नंबर दो में अव्यवस्थाओं का आलम
Hamirpur
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:33 AM IST
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हमीरपुर। संपूर्ण स्वच्छता अभियान को लेकर हमीरपुर के प्रशासनिक अधिकारी कितने सजग हैं। इसका अंदाजा मिनी सचिवालय भवन के बाहर देखा जा सकता है। लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने को जिला प्रशासन लाखों रुपये खर्च तो कर रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी मिनी सचिवालय भवन के पीछे जमा गंदगी से शायद अनभिज्ञ हैं। भवन के पीछे रखे कूड़ेदान भर चुके हैं। ऐसे में कूड़ादान के बाहर गंदगी के ढेर लगे हैं, जहां से लोगों का गुजरना मुश्किल है। इसके अलावा वार्ड में अधिकतर जगहों पर कूड़ादान नहीं हैं, जबकि रास्तों और स्ट्रीट लाइटों की हालत भी बेहद खराब है।
दिन मंगलवार। स्थान-मिनी सचिवालय, वार्ड नंबर दो। समय सुबह सवा 11 बजे। उपायुक्त कार्यालय के पीछे एक छोटा कूड़ादान रखा है, जो गंदगी से लबालब भरा पड़ा है। कूड़ादान के साथ ही रास्ता है। यहां से लोग नाक पर रुमाल रखकर निकल रहे हैं।
समय 11:05 बजे। स्थान पीडब्लूडी कॉलोनी। यहां रखा कूड़ादान गंदगी से भर चुका है। बंदर कूड़ादान में घूसकर गंदगी उठाकर भाग रहे हैं। ऐसे में बंदर गंदगी को इधर उधर फेंक रहे हैं। इससे पीडब्लूडी कॉलोनी क्षेत्र में संक्रमित बीमारियों के फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इससे कुछ ही दूर एक स्ट्रीट लाइट है, जो टूटकर एक पेड़ से सटी पड़ी है। यहां से संपर्क रास्ता अणु के लिए जाता है, लेकिन अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब होने से यहां रात के समय अंधेरा पसरा रहता है।
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समय 11:20 बजे। पीडब्लूडी कॉलोनी से करीब 100 मीटर आगे संपर्क सड़क की हालत बेहद खराब है। अक्सर कॉलेज के छात्र पैदल इसी रास्ते से बस अड्डा व शहर के लिए निकलते हैं। लोगों की मानें तो रास्ता करीब छह साल से बदहाल है। ऐसे में लोग रात के समय यहां ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
समय 12:20 बजे। स्थान नजदीक गुरुकुल स्कूल हमीरपुर। हालांकि यहां रेजिडेंशियल एरिया है, लेकिन कूड़ादान नप द्वारा कहीं नहीं रखा गया है। स्कूल के साथ ही एक नाला बहता है। कूड़ादान न होने से लोग यहां गंदगी फेंकते हैं। जैसे ही राहगीर नाले के पास पहुंचते हैं। सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में राहगीर यहां से तेज कदमों से निकलना ही बेहतर समझते हैं।
क्या कहते हैं क्षेत्र के लोग
अखिल कुमार का कहना है कि वार्ड में रखे हुए कूड़ेदान समय पर खाली नहीं किए जाते हैं। इसकी वजह से लोगों को बदबू का सामना करना पड़ रहा है।
राजकुमार का कहना है कि वार्ड में लगाई गई अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं या टूटी हुई हैं। इसकी वजह से लोग अंधेरे मेें ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
नरेश कुमार का कहना है कि वार्ड में कूड़ेदान न होने से लोगों को मजबूरन खुले में ही कचरा फेंकना पड़ रहा है। वार्ड में जगह-जगह छोटे कूड़ेदान की व्यवस्था होनी चाहिए।
संदीप का कहना है कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी से आगे रास्ते और सड़क की हालत काफी खस्ता है। लोग वाहन तो दूर, पैदल चलने से भी कतराते हैं।
क्या कहते हैं नप के पार्षद
वार्ड नंबर दो के पार्षद वेद प्रकाश भारद्वाज का कहना है कि टूटे हुए रास्ते और सड़क को जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। सफाई कर्मचारियों को भेजकर कूड़ेदानों को खाली करवाया जाएगा और वार्ड में छोटे-छोटे कूड़ेदान की भी व्यवस्था की जा रही है। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा।
उधर, नप अध्यक्ष दीप कुमार का कहना है कि वार्ड नंबर दो की अव्यवस्थाओं को जल्द ही सुधार दिया जाएगा।
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दिन मंगलवार। स्थान-मिनी सचिवालय, वार्ड नंबर दो। समय सुबह सवा 11 बजे। उपायुक्त कार्यालय के पीछे एक छोटा कूड़ादान रखा है, जो गंदगी से लबालब भरा पड़ा है। कूड़ादान के साथ ही रास्ता है। यहां से लोग नाक पर रुमाल रखकर निकल रहे हैं।
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समय 11:05 बजे। स्थान पीडब्लूडी कॉलोनी। यहां रखा कूड़ादान गंदगी से भर चुका है। बंदर कूड़ादान में घूसकर गंदगी उठाकर भाग रहे हैं। ऐसे में बंदर गंदगी को इधर उधर फेंक रहे हैं। इससे पीडब्लूडी कॉलोनी क्षेत्र में संक्रमित बीमारियों के फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इससे कुछ ही दूर एक स्ट्रीट लाइट है, जो टूटकर एक पेड़ से सटी पड़ी है। यहां से संपर्क रास्ता अणु के लिए जाता है, लेकिन अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब होने से यहां रात के समय अंधेरा पसरा रहता है।
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समय 11:20 बजे। पीडब्लूडी कॉलोनी से करीब 100 मीटर आगे संपर्क सड़क की हालत बेहद खराब है। अक्सर कॉलेज के छात्र पैदल इसी रास्ते से बस अड्डा व शहर के लिए निकलते हैं। लोगों की मानें तो रास्ता करीब छह साल से बदहाल है। ऐसे में लोग रात के समय यहां ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
समय 12:20 बजे। स्थान नजदीक गुरुकुल स्कूल हमीरपुर। हालांकि यहां रेजिडेंशियल एरिया है, लेकिन कूड़ादान नप द्वारा कहीं नहीं रखा गया है। स्कूल के साथ ही एक नाला बहता है। कूड़ादान न होने से लोग यहां गंदगी फेंकते हैं। जैसे ही राहगीर नाले के पास पहुंचते हैं। सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में राहगीर यहां से तेज कदमों से निकलना ही बेहतर समझते हैं।
क्या कहते हैं क्षेत्र के लोग
अखिल कुमार का कहना है कि वार्ड में रखे हुए कूड़ेदान समय पर खाली नहीं किए जाते हैं। इसकी वजह से लोगों को बदबू का सामना करना पड़ रहा है।
राजकुमार का कहना है कि वार्ड में लगाई गई अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं या टूटी हुई हैं। इसकी वजह से लोग अंधेरे मेें ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
नरेश कुमार का कहना है कि वार्ड में कूड़ेदान न होने से लोगों को मजबूरन खुले में ही कचरा फेंकना पड़ रहा है। वार्ड में जगह-जगह छोटे कूड़ेदान की व्यवस्था होनी चाहिए।
संदीप का कहना है कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी से आगे रास्ते और सड़क की हालत काफी खस्ता है। लोग वाहन तो दूर, पैदल चलने से भी कतराते हैं।
क्या कहते हैं नप के पार्षद
वार्ड नंबर दो के पार्षद वेद प्रकाश भारद्वाज का कहना है कि टूटे हुए रास्ते और सड़क को जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। सफाई कर्मचारियों को भेजकर कूड़ेदानों को खाली करवाया जाएगा और वार्ड में छोटे-छोटे कूड़ेदान की भी व्यवस्था की जा रही है। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा।
उधर, नप अध्यक्ष दीप कुमार का कहना है कि वार्ड नंबर दो की अव्यवस्थाओं को जल्द ही सुधार दिया जाएगा।