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इस गति से तो अगले दस वर्ष में भी नहीं बन पाएंगे आवास

Thu, 07 Feb 2019 11:16 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Feb 2019 11:16 PM IST
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हमीरपुर। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग हमीरपुर के मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित सलासी में प्रस्तावित सरकारी आवासों का निर्माण कार्य शिलान्यास के 9 साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, करीब नौ साल पहले शुरू हुए आईपीएच विभाग के विश्रामगृह (निरीक्षण कुटीर) का कार्य भी अभी तक अधूरा है। जिस गति से यह कार्य चल रहे हैं, उससे तो अगले दस साल में भी सरकारी आवास नहीं बन पाएंगे। प्रदेश सरकार से समय पर बजट जारी न होने के चलते निर्माण कार्य लटके हुए हैं।
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4 जुलाई 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और आईपीएच मंत्री रविंद्र सिंह रवि ने हमीरपुर के सलासी में आईपीएच विभाग के विश्रामगृह और सरकारी आवास की आधारशिला रखी थी। प्रस्तावित डीपीआर में छह कमरों का दोमंजिला विश्रामगृह और 12 सरकारी आवासों का निर्माण होना था। सरकारी आवास में टाइप-4, टाइप-3 और टाइप-2 शामिल हैं। इसके लिए बाकायदा 3.22 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत हुआ। जिसके बाद आईपीएच विभाग ने विश्रामगृह के टेंडर आवंटित कर निर्माण कार्य शुरू करवाया लेकिन, अभी तक विश्रामगृह का कार्य ही पूरा नहीं हो पाया है। वहीं, सरकारी आवासों के निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं लग पाई। उधर, आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज भोगल ने कहा कि बजट के अभाव में निर्माण कार्य में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में विधायक ने विश्रामगृह के लिए 25 लाख रुपये का बजट जारी करवाया है। उन्होंने कहा कि इसी साल विश्रामगृह का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
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