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चौदह दिन बाद मलेशिया से घर पहुंची युवक की देह
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:14 PM IST
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अवाहदेवी (हमीरपुर)। मलेशिया में मौत के चौदह दिन बाद हमीरपुर के युवक का शव रविवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की गृह पंचायत से संबंध रखने वाले 23 वर्षीय रंजन कुमार की मलेशिया में निमोनिया की चपेट में आने से 1 जुलाई को मौत हो गई थी। जिसका अंतिम संस्कार मौत के चौदह दिनों बाद उसके पैतृक गांव मतलाना में रविवार को हुआ।
रंजन कुमार पुत्र देश राज गांव मतलाना ग्राम पंचायत समीरपुर का रहने वाला था। वह अगस्त 2017 से मर्चेंट नेवी में कर्मचारी था। मलेशिया में निमोनिया की चपेट में आने से एक जुलाई को उसकी मौत हो गई। रंजन के पिता देश राज लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त हैं। जबकि माता गृहिणी हैं। रंजन ने आईटीआई से इलेक्ट्रिकल का डिप्लोमा किया हुआ है। पिता देश राज ने बताया कि उसके बेटे को उपचार के लिए बिंटलू मेडिकल सेंटर अस्पताल मलेशिया में भर्ती करवाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। 1 जुलाई को उन्हें दूरभाष पर बेटे की मौत की सूचना दी गई। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर से बेटे के शव को घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। वहीं मामला ध्यान में आते ही सांसद अनुराग ठाकुर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी भेजकर इस संदर्भ में शीघ्र उचित कदम उठाने की मांग की। मृतक के परिजनों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल तथा सांसद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से ही उनके बेटे का पार्थिव शरीर भारत पहुंचा। अन्यथा परिवार को विदेश से पार्थिव शरीर भारत में लाना असंभव था।
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रंजन कुमार पुत्र देश राज गांव मतलाना ग्राम पंचायत समीरपुर का रहने वाला था। वह अगस्त 2017 से मर्चेंट नेवी में कर्मचारी था। मलेशिया में निमोनिया की चपेट में आने से एक जुलाई को उसकी मौत हो गई। रंजन के पिता देश राज लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त हैं। जबकि माता गृहिणी हैं। रंजन ने आईटीआई से इलेक्ट्रिकल का डिप्लोमा किया हुआ है। पिता देश राज ने बताया कि उसके बेटे को उपचार के लिए बिंटलू मेडिकल सेंटर अस्पताल मलेशिया में भर्ती करवाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। 1 जुलाई को उन्हें दूरभाष पर बेटे की मौत की सूचना दी गई। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर से बेटे के शव को घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। वहीं मामला ध्यान में आते ही सांसद अनुराग ठाकुर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी भेजकर इस संदर्भ में शीघ्र उचित कदम उठाने की मांग की। मृतक के परिजनों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल तथा सांसद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से ही उनके बेटे का पार्थिव शरीर भारत पहुंचा। अन्यथा परिवार को विदेश से पार्थिव शरीर भारत में लाना असंभव था।
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