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जिला में लिंगानुपात में हुई बढ़ोतरी
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:14 PM IST
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हमीरपुर। जिला में लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है। 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 954 पहुंच गई है। लोग बेटी बचाओ, बेटा पढ़ाओ अभियान से जागरूक हुए हैं। विभाग ने पिछले माह इसका सर्वे करवाया था, सर्वेे के मुताबिक लिंगानुपात बढ़ा है। जिला में इससे पहले 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 890 थी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लोगों की सोच में परिवर्तन हुआ है। 2016 में यह अभियान शुरू हुआ था।
इस अभियान से पहले लड़कियों की संख्या काफी कम थी। सरकार और विभाग के प्रयासों से अब इस आंकड़े में वृद्धि होने लगी है। विभाग का मानना है कि आने वाले समय में लिंगानुपात में और बढ़ोतरी होगी। सरकार द्वारा लड़कियों के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। विभाग द्वारा गांवों, स्कूलों और कॉलेजों में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत करवाया जा रहा है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य का कहना है कि जिला में 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 954 पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि जिला में इसके लिए सर्वे करवाया गया था। इसमें लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई। तिलक ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लोग जागरूक हुए हैं।
महिला अधिकारियों के कारण भी सकारात्मक परिणाम-
जिला में महिला अधिकारियों की संख्या में कई गुणा वृद्धि के चलते भी लोगों की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है। हमीरपुर जिला में उपायुक्त डॉ. रिचा वर्मा, एसडीएम शिल्पी बेक्टा, एसएचओ डॉ. आकृति शर्मा (आईपीएस), डीएसपी रेणू शर्मा, डीएफओ प्रीति भंडारी, सीएमओ डॉ. सावित्री कटवाल, एमएस डॉ. अर्चना सोनी, नायब तहसीलदार हमीरपुर, लोनिवि में जेई समेत अन्य विभागों में महिला अधिकारियों का दबदबा है। महिलाओं के ऊंचे पदों पर काबिज होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रमों में भी बेहतरीन परिणाम सामने आ रहे हैं।
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इस अभियान से पहले लड़कियों की संख्या काफी कम थी। सरकार और विभाग के प्रयासों से अब इस आंकड़े में वृद्धि होने लगी है। विभाग का मानना है कि आने वाले समय में लिंगानुपात में और बढ़ोतरी होगी। सरकार द्वारा लड़कियों के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। विभाग द्वारा गांवों, स्कूलों और कॉलेजों में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत करवाया जा रहा है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य का कहना है कि जिला में 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 954 पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि जिला में इसके लिए सर्वे करवाया गया था। इसमें लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई। तिलक ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लोग जागरूक हुए हैं।
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महिला अधिकारियों के कारण भी सकारात्मक परिणाम-
जिला में महिला अधिकारियों की संख्या में कई गुणा वृद्धि के चलते भी लोगों की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है। हमीरपुर जिला में उपायुक्त डॉ. रिचा वर्मा, एसडीएम शिल्पी बेक्टा, एसएचओ डॉ. आकृति शर्मा (आईपीएस), डीएसपी रेणू शर्मा, डीएफओ प्रीति भंडारी, सीएमओ डॉ. सावित्री कटवाल, एमएस डॉ. अर्चना सोनी, नायब तहसीलदार हमीरपुर, लोनिवि में जेई समेत अन्य विभागों में महिला अधिकारियों का दबदबा है। महिलाओं के ऊंचे पदों पर काबिज होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रमों में भी बेहतरीन परिणाम सामने आ रहे हैं।
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