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बिना टेंडर रास्ते का कार्य अवार्ड करने पर फंसी नगर परिषद
Updated Tue, 08 May 2018 09:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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हमीरपुर।
नगर परिषद हमीरपुर बिना टेंडर के कार्य को अवार्ड करने के मामले में बुरी तरह फंस गई है। इस मामले में पुलिस थाना हमीरपुर में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन के पास भी इस मामले की शिकायत हुई है। इसके बाद जिला प्रशासन ने नगर परिषद का रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। यह मामला वर्ष 2012-13 का बताया जा रहा है।
नगर परिषद ने बिना टेंडर ठेकेदार को शहर में रास्ते को पक्का करने और टाइलें बिछाने का करीब 12 लाख रुपये का कार्य सौंपा था। इस मामले की भनक लगते ही नगर परिषद के कुछ नुमाइंदों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। इसके बाद एसडीएम ने मामले की जांच की। मामला उजागर होते ही नगर परिषद ने ठेकेदार की पेमेंट रोक दी गई।
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एसडीएम की जांच रिपोर्ट में पाया कि ठेकेदार ने रास्ते को पक्का कर दिया और टाइलें भी बिछा दी हैं, लेकिन इसी कार्य का भुगतान नहीं हुआ। इसके चलते इसमें वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं बनता है। कुछ समय के बाद एसडीएम का तबादला हो गया। नगर परिषद ने मामला ठंडा पड़ते देख ठेकेदार को भुगतान कर दिया। मामले का पता लगते ही अब इस मामले की दोबारा जिला प्रशासन के साथ पुलिस में शिकायत कर दी गई है।
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एसएचओ हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा ने कहा कि नगर परिषद के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की छानबीन की जा रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितता पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर परिषद के ईओ का कहना है कि यह मामला उनके ज्वाइन करने से पहले का है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को सारा रिकॉर्ड सौंप दिया है।