{"_id":"5acce0f04f1c1b1d3d8b45db","slug":"61523376368-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा और सड़कों में अव्वल जिला में सौ ब्लैक स्पॉट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा और सड़कों में अव्वल जिला में सौ ब्लैक स्पॉट
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
हमीरपुर।
प्रदेश के सबसे शिक्षित और सर्वाधिक सड़कों वाले जिला हमीरपुर में एक सौ ब्लैक स्पॉट हैं। इन ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने में बजट की कमी बाधा बन रही है। इसके चलते ब्लैक स्पॉट को ठीक करने में परेशानी पेश आ रही है। इसी तरह हमीरपुर नालटी संपर्क मार्ग, सलौणी से कांगू वाया गलोड़, बड़ा से रंगस, मैहरे से बिझड़ी, हरसौर से शाहतलाई, हमीरपुर से पटलांदर वाया री भलाणा सड़कों की हालत खराब है। इसके चलते इन मार्गों पर हर वक्त हादसों का खतरा रहता है।
जिले में निजी स्कूलों की संख्या 170 से ऊपर है। इन खस्ताहाल मार्गों पर रोजाना दर्जनों स्कूली वाहन गुजरते हैं। प्राइवेट वाहन और टैक्सियां स्कूली बच्चों को ढो रही हैं। इससे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना हो रही है। जिला मुख्यालय हमीरपुर में ही दर्जनों निजी वाहन स्कूलों के बच्चों को ढो रहे हैं। यह निजी वाहन मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं। पहाड़ी राज्यों में बढ़ते सड़क हादसों से न तो सरकार और न प्राइवेट स्कूल प्रबंधन सबक ले रहे हैं।
विज्ञापन
लंबलू में निजी बस से टकराई स्कूल बस
जिला मुख्यालय हमीरपुर से सटे लंबलू गांव में मंगलवार को बच्चों को घर छोड़ने के बाद हमीरपुर लौट रही स्कूल बस दूसरी बस से टक्करा गई। इससे बस का शीश टूट गया। हालांकि इस दौरान बस में एक भी बच्चा सवार था। दोनों बस चालकों में समझौता होने के चलते पुलिस में केस दर्ज नहीं हो पाया।
विज्ञापन
पुलिस, परिवहन विभाग और निजी स्कूल प्रबंधकों की शीघ्र बैठक बुलाई जाएगी। इसमें उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करवाई जाएगी। पुलिस विभाग को समय-समय पर निजी स्कूल बसों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
-राकेश कुमार प्रजापति, जिलाधीश हमीरपुर।
स्कूल बसों के लिए यह नियम जरूरी-
स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिए, बस के दोनों तरफ स्कूल का नाम लिखना और दूरभाष नंबर अनिवार्य, बसों में स्पीड गवर्नर की स्थापना, बस की खिड़कियों पर ग्रिल, बस के भीतर फर्स्ट एड बाक्स, बस में सीसीटीवी, जीपीएस सिस्टम और चालक व परिचालक के पास लाइसेंस और वर्दी होना अनिवार्य है।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
जिला भर के सभी निजी स्कूल प्रबंधकों को प्रशिक्षित एवं अनुभवी बस ड्राइवर और परिचालक नियुक्त करने और बसों को उच्चतम न्यायालय की गाइडलाइन के मुताबिक चलाने के आदेश समय-समय पर दिए जाते हैं। अगर किसी स्कूल में निजी वाहन बच्चों को ढोते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-प्रभात चौधरी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हमीरपुर।
एसडीएम बड़सर ने निजी स्कूलों की बुलाई बैठक
बड़सर (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के निजी स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य की एसडीएम बड़सर ने 11 अप्रैल को विशेष बैठक बुलाई है। नूरपुर बस हादसे के बाद बड़सर प्रशासन चुस्त हो गया है। वे निजी स्कूलों को कतई ढील देने के मूड में नहीं है। प्रशासन द्वारा स्कूलों को नियमों का पालन के लिए सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं। निजी स्कूलों द्वारा बच्चों के अभिभावकों से भारी भरकम फीस वसूली जाती है, लेकिन सुविधाएं नाम मात्र दी जाती हैं। इस बैठक में बस हादसों से बचने के लिए स्कूल प्रबंधकों या प्रधानाचार्य से विशेष चर्चा की जाएगी। इस संबंध में एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा का कहना है कि 11 अप्रैल को स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य की बैठक बुलाई है। बैठक में नियमों के पालन करने और बच्चों को बेहतर सुविधा देने के बारे में चर्चा की जाएगी।