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संघ ने विशेष प्रशासनिक भते को समाप्त करने के आदेशों का किया विरोध
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:13 PM IST
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हमीरपुर। हिमाचल शिक्षक मंच ने शिक्षा विभाग से उच्च स्कूलों में कार्यरत उन मुख्याध्यापकों जिनके पास आहरण और वित्तीय शक्तियां नहीं हैं, उनके विशेष प्रशासनिक भत्ते को समाप्त करने आदेशों को वापस लेने की मांग की है। मंच के प्रदेश सचेतक बालदिवाकर शर्मा, प्रदेश संयोजक अश्वनी भट्ट, संजय मोंगू, संजीव राणा, तपिश थापा, विजय शमशेर भंडारी और सुनरल राजपूत ने कहा कि विभाग की ओर से जारी इन आदेशों से प्रदेश के मुख्याध्यापकों और अध्यापकों में भारी रोष है। पूर्व में सभी उच्च पाठशालाओं में कार्यरत मुख्याध्यापकों को विशेष भत्ता दिया जाता रहा है। यह भत्ता उन्हें अतिरिक्त प्रशासनिक कार्य और आहरण व वितरण अधिकारी यानी डीडीओ के रूप में कार्य करने के लिए दिया जाता है।
पूर्व में सभी उच्च पाठशालाओं में कार्यरत मुख्याध्यापकों के पास आहरण और वितरण अधिकारी की शक्तियां रहती थीं। लेकिन, वर्ष 2010 के बाद प्रदेश सरकार ने नई स्तरोन्नत होने वाली उच्च पाठशालाओं में मुख्याध्यापक का पद तो दिया, परंतु आहरण और वित्तीय शक्तियां उन्हें न देकर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में कार्यरत प्रधानाचार्यों को देने की परंपरा बना दी। हालांकि उस समय भी मुख्याध्यापकों से उनका विशेष भत्ता नहीं छीना गया, परंतु अब विभाग और सरकार ने यह नए आदेश जारी करके असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। केवल डीडीओ के रूप में कार्य न करने की एवज में विशेष भत्ते छीनना जायज नहीं है। मंच ने इस विषय को लेकर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही मंच का एक प्रतिनिधिमंडल विशेष भत्ते की बहाली को लेकर शिक्षा मंत्री से मिल कर ज्ञापन सौपेंगा।
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पूर्व में सभी उच्च पाठशालाओं में कार्यरत मुख्याध्यापकों के पास आहरण और वितरण अधिकारी की शक्तियां रहती थीं। लेकिन, वर्ष 2010 के बाद प्रदेश सरकार ने नई स्तरोन्नत होने वाली उच्च पाठशालाओं में मुख्याध्यापक का पद तो दिया, परंतु आहरण और वित्तीय शक्तियां उन्हें न देकर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में कार्यरत प्रधानाचार्यों को देने की परंपरा बना दी। हालांकि उस समय भी मुख्याध्यापकों से उनका विशेष भत्ता नहीं छीना गया, परंतु अब विभाग और सरकार ने यह नए आदेश जारी करके असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। केवल डीडीओ के रूप में कार्य न करने की एवज में विशेष भत्ते छीनना जायज नहीं है। मंच ने इस विषय को लेकर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही मंच का एक प्रतिनिधिमंडल विशेष भत्ते की बहाली को लेकर शिक्षा मंत्री से मिल कर ज्ञापन सौपेंगा।
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