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चुनाव आचार संहिता ने रोकी आईपीएच की स्कीमें
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:05 PM IST
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हमीरपुर। विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेश में लागू आदर्श आचार संहिता ने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की स्कीमों को रोक दिया है। हमीरपुर जोन की आठ मंडलों में दो माह से ढाई दर्जन परियोजनाओं का कार्य लटका पड़ा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सितंबर और अक्तूबर माह में इन आठ डिविजनों में पेयजल स्कीमों और सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कई शिलान्यास किए।
शिलान्यास के बाद इन स्कीमों के लिए बजट भी मंजूर हो चुका है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया को आचार संहिता के कारण रोक दिया गया। ऐसे में इन ढाई दर्जन परियोजनाओं के कार्य ठप पड़ गए हैं। टेंडर और निर्माण कार्य ठप पड़ने के कारण संबंधित क्षेत्र के लोगों को मिलने वाली पेयजल सुविधाओं में अब और वक्त लगेगा। वर्तमान में इन मंडलों के अंतर्गत आते सैकड़ों गांव में पेयजल समस्या से लोग जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की पेयजल समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आईपीएच विभाग ने यह स्कीमें मंजूर करवाई थीं। लेकिन आईपीएच विभाग के कठिन परिश्रम के बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा।
जोन में यह आठ डिवीजन हैं शामिल
आईपीएच हमीरपुर जोन के अंतर्गत हमीरपुर सदर और बड़सर मंडल आते हैं। इसी तरह बिलासपुर और घुमारवीं, ऊना एक और ऊना दो व गगरेट ट्यूबवेल डिविजन तथा मंडी जिला की सरकाघाट डिविजन हमीरपुर जोन के अंतर्गत आती है। हमीरपुर जिला मुख्यालय में स्थित आईपीएच विभाग के चीफ का कार्यालय है, जहां से इन चार जिलों की पेयजल और सिंचाई स्कीमों की देखरेख होती है।
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कोट्स
हमीरपुर आईपीएच जोन के अंतर्गत आठ डिवीजन आते हैं। जोन में करीब 30 से अधिक स्कीमें स्वीकृत हैं, लेकिन इनके टेंडर अभी तक नहीं हो पाए हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद ही आगामी कार्यवाही शुरू होगी।
-विक्रांत सुमन, चीफ इंजीनियर, आईपीएच जोन हमीरपुर।
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शिलान्यास के बाद इन स्कीमों के लिए बजट भी मंजूर हो चुका है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया को आचार संहिता के कारण रोक दिया गया। ऐसे में इन ढाई दर्जन परियोजनाओं के कार्य ठप पड़ गए हैं। टेंडर और निर्माण कार्य ठप पड़ने के कारण संबंधित क्षेत्र के लोगों को मिलने वाली पेयजल सुविधाओं में अब और वक्त लगेगा। वर्तमान में इन मंडलों के अंतर्गत आते सैकड़ों गांव में पेयजल समस्या से लोग जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की पेयजल समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आईपीएच विभाग ने यह स्कीमें मंजूर करवाई थीं। लेकिन आईपीएच विभाग के कठिन परिश्रम के बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा।
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जोन में यह आठ डिवीजन हैं शामिल
आईपीएच हमीरपुर जोन के अंतर्गत हमीरपुर सदर और बड़सर मंडल आते हैं। इसी तरह बिलासपुर और घुमारवीं, ऊना एक और ऊना दो व गगरेट ट्यूबवेल डिविजन तथा मंडी जिला की सरकाघाट डिविजन हमीरपुर जोन के अंतर्गत आती है। हमीरपुर जिला मुख्यालय में स्थित आईपीएच विभाग के चीफ का कार्यालय है, जहां से इन चार जिलों की पेयजल और सिंचाई स्कीमों की देखरेख होती है।
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हमीरपुर आईपीएच जोन के अंतर्गत आठ डिवीजन आते हैं। जोन में करीब 30 से अधिक स्कीमें स्वीकृत हैं, लेकिन इनके टेंडर अभी तक नहीं हो पाए हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद ही आगामी कार्यवाही शुरू होगी।
-विक्रांत सुमन, चीफ इंजीनियर, आईपीएच जोन हमीरपुर।