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रानीताल-शिमला एनएच पर गिरा पेड़, आठ घंटे यातायात अवरुद्घ
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:34 PM IST
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चंबा, पठानकोट, रोहड़ू, अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़ व दिल्ली लंबे रूट प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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हमीरपुर।
रानीताल-शिमला नेशनल हाइवे पर सोमवार सुबह दो बजे सलासी के समीप बरगद का पेड़ गिर गया। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो गई। विभागीय तालमेल की कमी और जिला प्रशासन की नाकामी के चलते सुबह पौने दस बजे तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही।
इससे एनएच पर दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए। शिमला से चंबा, पठानकोट, धर्मशाला, कटड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर से पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत अन्य लंबे बस रूट प्रभावित हो गए। धर्मशाला और चंबा से शिमला और रोहड़ जाने वाली बसें भी जाम में फंस गईं।
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बस में सवार महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और यात्रियों को सलासी से तीन किलोमीटर पैदल सफर कर पहले हमीरपुर बस स्टैंड पहुंचना पड़ा। इसके बाद उन्हें टैक्सियां करके शिमला, बिलासपुर और सोलन समेत अन्य गंतव्य की ओर जाना पड़ा। इससे समय की बर्बाद के साथ साथ धन की भी क्षति हुई। रविवार को सार्वजनिक अवकाश होने के चलते सोमवार सुबह की बसों में अधिकतर सरकारी कर्मचारी सफर करते हैं लेकिन एनएच पर पेड़ गिरने से कई लोगों को समय पर कार्यालय पहुंचने में देरी हुई।
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एनएच ने सड़क बहाली से किया इंकार, प्रशासन तल्ख
लोगों ने जब नेशनल हाइवे विभाग को इसकी जानकारी दी तो एनएच ने मार्ग को बहाल करने से इंकार कर दिया। एनएच के अधिकारियों ने कहा कि अब यह मार्ग एनएच के बजाय नेशनल हाइवे आथोरिटी के पास है। इस मार्ग पर मरम्मत समेत सभी कार्य एनएचआई ही करेगा। इसके बाद जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। प्रशासन की सख्ती के बाद एनएच ने जेसीबी समेत अन्य मशीनरी भेजी और सुबह पौने दस बजे इस मार्ग को बहाल करवाया जा सका।
आपदा प्रबंधन के दावों की खुली पोल
नेशनल हाइवे के आठ घंटे तक बंद रहने से आपदा प्रबंधन के दावों की पोल भी खुल गई। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आए दिन स्कूलों और अन्य संस्थानों में मॉकड्रिल कर सरकारी खजाने से बजट खर्च कर रहा है। अभी कुछ माह पहले ही प्रदेशभर में जिला मुख्यालय स्तर पर मेगा मॉक ड्रिल भी करवाई गई। लेकिन हकीकत में यह आपदा प्रबंधन फेल हो गया। लोगों ने कहा कि अगर नेशनल हाइवे को ही प्रशासन आठ घंटे बाद बहाल करवा पाया तो संपर्क मार्गों और प्रदेश के अन्य राज्यमार्गों पर क्या हालत होती होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
एनएचआई के पास सड़क
रानीताल-शिमला मुख्य मार्ग अब नेशनल हाइवे आथोरिटी के पास है। इस बारे में एनएच विभाग को पत्र भी मिल चुका है। इसके चलते इस मार्ग पर सभी तरह के कार्य और मरम्मत एनएचआई के अधीन हैं। सलासी में पेड़ गिरने का पता चलने के बाद जेसीबी और मजदूरों को भेजा गया था। इसके बाद मार्ग को बहाल किया गया।
-जगदीश कानूनगो, एक्सईएन, नेशनल हाइवे हमीरपुर।
जनहित में सड़क खोलने के दिए आदेश
रानीताल-शिमला एनएच पर सोमवार को बरगद का पेड़ गिरने से यातायात अवरुद्ध हुआ था। लेकिन सूचना मिलने के बाद तुरंत एनएच विभाग को मार्ग को बहाल करने के आदेश दिए गए। हालांकि एनएच विभाग इस मार्ग को अब नेशनल हाइवे आथोरिटी के अधीन होने की बात कर रहा था, लेकिन जनहित में इस मार्ग को खुलवाने के आदेश दिए, जिसके बाद इस मार्ग पर यातायात बहाल हो पाया।
-अरिंदम चौधरी, एसडीएम(आईएएस) हमीरपुर
चंबा, पठानकोट, रोहड़ू, अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़ व दिल्ली लंबे रूट प्रभावित
हमीरपुर। जिला हमीरपुर में रविवार रात्रि को जोरदार बारिश हुई। तीन दिन से रोज शाम को हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई है। कई स्थानों पर बारिश के कारण नुकसान भी हुआ है। सलासी में बरगद का पेड़ गिरने से आठ घंटे तक यातयात बाधित रहा। इसके अलावा बिझड़ी में बिजली गुल रही। गेहूं की पक रही फसल के लिए बारिश नुकसानदायक सिद्ध है। जिलाभर में रात को मेघ बरसते रहे और आकाश में गर्जना होती रही। सोमवार दिन में मौसम साफ रहा पर शाम को आसमान में हल्के बादल छा गए।