{"_id":"66d5ce008307cc0044048bd3","slug":"32-women-of-sareedi-learned-the-tricks-of-making-clothes-and-jewelery-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-134905-2024-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: सरेड़ी की 32 महिलाओं ने सीखे वस्त्र और आभूषण बनाने के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: सरेड़ी की 32 महिलाओं ने सीखे वस्त्र और आभूषण बनाने के गुर
Mon, 02 Sep 2024 08:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 02 Sep 2024 08:08 PM IST
विज्ञापन
सरेड़ी में शिविर के समापन पर मौजूद प्रतिभागी एवं आयोजक। -स्रोतः डीपीआरओ
गलोड़ (हमीरपुर)। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा नादौन उपमंडल के गांव सरेड़ी में आयोजित प्रशिक्षण शिविर सोमवार को समाप्त हो गया। इस शिविर में गांव की 32 महिलाओं ने वस्त्र, आभूषण और अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह मट्टनसिद्ध स्थित आरसेटी हमीरपुर के परिसर में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागी महिलाओं का मूल्यांकन किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मुख्य जिला अग्रणी प्रबंधक टशी नमग्याल ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया और महिलाओं को बैंकों की मदद से अपने उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरेड़ी में आयोजित शिविर में प्रतिभागी महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण के साथ-साथ खाना, वर्दी और अन्य आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और वे अपने कौशल का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
समापन समारोह मट्टनसिद्ध स्थित आरसेटी हमीरपुर के परिसर में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागी महिलाओं का मूल्यांकन किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मुख्य जिला अग्रणी प्रबंधक टशी नमग्याल ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया और महिलाओं को बैंकों की मदद से अपने उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरेड़ी में आयोजित शिविर में प्रतिभागी महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण के साथ-साथ खाना, वर्दी और अन्य आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और वे अपने कौशल का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
विज्ञापन