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पेंशनरों का डाटा किया डिजिटलाइज
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हमीरपुर। महालेखाकार हिमाचल प्रदेश द्वारा जिला हमीरपुर में हमीर भवन के सभागार में दो दिवसीय पेंशन अदालत का आयोजन वीरवार को किया गया। 21 से 22 फरवरी तक चलने वाली इस पेंशन अदालत के शुभारंभ पर वरिष्ठ महालेखाकार कुलवंत सिंह ने कहा कि पेंशनभोगियों का पूरा डाटा डिजिटलाइज कर दिया गया। जिससे उनकी पेंशन संबंधी समस्याओं को सुलझाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 से लेकर 2019 तक 1 लाख 80 हजार पेंशन धारकों की 1 करोड़ फाइलों को डिजिटलाइज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस अदालत का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा पेंशन, पारिवारिक पेंशन, सामान्य भविष्य निधि तथा ऋण संबंधी मामलों से संबंधित समय-समय पर जारी संशोधित नियमों, अधिसूचनाओं, दिशा-निर्देशों बारे सभी हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा करना है। पेंशनभोगियों तथा अभिदाताओं द्वारा मौके पर रखी गई समस्याओं एवं विभागों में पूर्ण दस्तावेज के अभाव में लंबित मामलों का यथासंभव मौके पर निपटान किया जाएगा।
कार्यक्रम में महालेखाकार कार्यालय द्वारा हेल्प डेस्क लगाकर निर्धारित फार्म, नामांकन पत्र, शिकायत प्रपत्र तथा पेंशन मामलों से संबंधित सभी प्रकार के फार्म उपलब्ध करवाए गए। जो लोग किन्ही कारणों से वीरवार को शामिल न हो सके, वह शुक्रवार को इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की पेंशन अदालतों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न स्थानों में किया जाना प्रस्तावित है। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखाधिकारी जुधिया राम, लेखाधिकारी हरीश जुल्का सहित डीडीओ, जिला कोषाधिकारी एवं पेंशन कल्याण संघों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि इस अदालत का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा पेंशन, पारिवारिक पेंशन, सामान्य भविष्य निधि तथा ऋण संबंधी मामलों से संबंधित समय-समय पर जारी संशोधित नियमों, अधिसूचनाओं, दिशा-निर्देशों बारे सभी हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा करना है। पेंशनभोगियों तथा अभिदाताओं द्वारा मौके पर रखी गई समस्याओं एवं विभागों में पूर्ण दस्तावेज के अभाव में लंबित मामलों का यथासंभव मौके पर निपटान किया जाएगा।
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कार्यक्रम में महालेखाकार कार्यालय द्वारा हेल्प डेस्क लगाकर निर्धारित फार्म, नामांकन पत्र, शिकायत प्रपत्र तथा पेंशन मामलों से संबंधित सभी प्रकार के फार्म उपलब्ध करवाए गए। जो लोग किन्ही कारणों से वीरवार को शामिल न हो सके, वह शुक्रवार को इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की पेंशन अदालतों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न स्थानों में किया जाना प्रस्तावित है। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखाधिकारी जुधिया राम, लेखाधिकारी हरीश जुल्का सहित डीडीओ, जिला कोषाधिकारी एवं पेंशन कल्याण संघों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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