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विचाराधीन मामलों पर शीघ्र कार्रवाई करें अधिकारी : डॉ. वर्मा
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:31 PM IST
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हमीरपुर। अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिलास्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक मंगलवार को उपायुक्त डॉ. रिचा वर्मा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें अधिनियम के अंतर्गत जिले से संबंधित उच्च न्यायालय, न्यायालय में विचाराधीन तथा पुलिस अन्वेषणाधीन 44 मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह विचाराधीन मामलों में शीघ्र कार्रवाई करवाना सुनिश्चित करें ताकि, पीड़ित को समय पर न्याय मिले।
उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए उपमंडल स्तर पर भी सतर्कता एवं प्रबोधन समितियों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही उपायुक्त की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यास के अंतर्गत स्थानीय स्तर की समिति तथा प्रधानमंत्री के नए 15-सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत जिलास्तरीय समिति की बैठक भी आयोजित की गई। जिसमें समिति के सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में मौजूद तथा नई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार में अल्पसंख्यकों के लिए समान हिस्सेदारी, शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देना, आधारभूत ढांचा विकास योजनाओं में उपयुक्त हिस्सेदारी एवं रहन-सहन के स्तर में सुधार लाने, स्वरोजगार के लिए ऋण सहायता में वृद्धि करने तथा सांप्रदायिकता एवं हिंसा पर नियंत्रण एवं रोकथाम पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को एकीकृत बाल विकास सेवाओं की समुचित उपलब्धता तथा उपनिदेशक शिक्षा उच्चतर तथा प्रारंभिक को विद्यालय शिक्षा की उपलब्धता को सुधारने, उर्दू शिक्षण के लिए अधिक संसाधन, मदरसा शिक्षा का आधुनिकीकरण, अल्पसंख्यक समुदायों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति तथा मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान के माध्यम से शैक्षिक अवसंरचना को उन्नत करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक को सांप्रदायिक दंगों के पीड़ितों का पुनर्वास करने, सांप्रदायिक घटनाओं की रोकथाम करने, उपनिदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण को अल्पसंख्यकों के लिए ग्रामीण आवास योजनाओं में उचित हिस्सेदारी प्रदान करने तथा कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को अल्पसंख्यक समुदायों वाली मलिन बस्तियों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए उपमंडल स्तर पर भी सतर्कता एवं प्रबोधन समितियों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही उपायुक्त की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यास के अंतर्गत स्थानीय स्तर की समिति तथा प्रधानमंत्री के नए 15-सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत जिलास्तरीय समिति की बैठक भी आयोजित की गई। जिसमें समिति के सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में मौजूद तथा नई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार में अल्पसंख्यकों के लिए समान हिस्सेदारी, शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देना, आधारभूत ढांचा विकास योजनाओं में उपयुक्त हिस्सेदारी एवं रहन-सहन के स्तर में सुधार लाने, स्वरोजगार के लिए ऋण सहायता में वृद्धि करने तथा सांप्रदायिकता एवं हिंसा पर नियंत्रण एवं रोकथाम पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को एकीकृत बाल विकास सेवाओं की समुचित उपलब्धता तथा उपनिदेशक शिक्षा उच्चतर तथा प्रारंभिक को विद्यालय शिक्षा की उपलब्धता को सुधारने, उर्दू शिक्षण के लिए अधिक संसाधन, मदरसा शिक्षा का आधुनिकीकरण, अल्पसंख्यक समुदायों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति तथा मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान के माध्यम से शैक्षिक अवसंरचना को उन्नत करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक को सांप्रदायिक दंगों के पीड़ितों का पुनर्वास करने, सांप्रदायिक घटनाओं की रोकथाम करने, उपनिदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण को अल्पसंख्यकों के लिए ग्रामीण आवास योजनाओं में उचित हिस्सेदारी प्रदान करने तथा कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को अल्पसंख्यक समुदायों वाली मलिन बस्तियों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
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