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Hamirpur (Himachal) News: गलघोंटू से बचाव के लिए 26 हजार पशुओं का हुआ टीकाकरण
Mon, 28 Jul 2025 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:27 AM IST
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हमीरपुर। बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं में फैलने वाले गलघोंटू रोग की रोकथाम को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। रोग की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण शुरू किया गया है।
अब तक 26 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से भी आग्रह किया है कि वह अपने पशुओं का टीकाकरण जल्द करवाएं। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशु अस्पतालों में गलघोंटू रोग से बचाव के लिए करीब 58,200 वैक्सीन उपलब्ध करवाई हैं। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से टीकाकरण शुरू किया गया है।
गलघोंटू बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु से होती है, जो बरसात के मौसम में अधिक फैलती है। यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। इसमें पशु को तेज बुखार, गले और छाती में सूजन, नाक से स्राव और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके चलते दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
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पशुपालन विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक देवेंद्र लाल ने बताया कि जिले को 58,200 प्राप्त हुई थीं, जिन्हें सभी अस्पतालों तक भेजा गया था। अब तक करीब 26 हजार पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण करवाएं।
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अब तक 26 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से भी आग्रह किया है कि वह अपने पशुओं का टीकाकरण जल्द करवाएं। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशु अस्पतालों में गलघोंटू रोग से बचाव के लिए करीब 58,200 वैक्सीन उपलब्ध करवाई हैं। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से टीकाकरण शुरू किया गया है।
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गलघोंटू बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु से होती है, जो बरसात के मौसम में अधिक फैलती है। यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। इसमें पशु को तेज बुखार, गले और छाती में सूजन, नाक से स्राव और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके चलते दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
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पशुपालन विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक देवेंद्र लाल ने बताया कि जिले को 58,200 प्राप्त हुई थीं, जिन्हें सभी अस्पतालों तक भेजा गया था। अब तक करीब 26 हजार पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण करवाएं।