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Hamirpur (Himachal) News: 22 प्राथमिक विद्यालय बनेंगे मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
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प्रारंभिक शिक्षा विभाग की तरफ से शिक्षा निदेशालय को भेजा प्रस्ताव
आगामी शैक्षणिक सत्र में इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से शुरू होगी पढ़ाई
कक्षा वार अलग टीचर की होगी व्यवस्था, स्मार्ट क्लास रूम भी होंगे विकसित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिले में सरकारी स्कूलों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इस कड़ी में जिले के हर शिक्षा खंड से स्कूलों का चयन कर लिया गया है। इन स्कूलों की सूची तैयार कर शिक्षा निदेशालय को भेजी गई है। इन प्राथमिक पाठशालाओं को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना में शामिल किया जाएगा।
आगामी शैक्षणिक सत्र में इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू किए जाने की योजना है। प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों को स्कूलों में पढ़ाई के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विभाग की तरफ से इसे लेकर तैयारियां की जा रही हैं। निदेशालय से मंजूरी मिलते ही इन स्कूलों में जरूरी संसाधनों को जुटाने का कार्य भी शुरू किया जाएगा। योजना के तहत यह विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि उन स्कूलों का इस योजना में चयन हो जहां पर बच्चों की संख्या पहले से बेहतर है। इन स्कूलों की खास बात यह होगी कि हर कक्षा के लिए अलग से अध्यापक तैनात होंगे। पहली से पांचवीं कक्षा तक हर कक्षा के लिए एक टीचर को जिम्मा दिया जाएगा। इससे शिक्षा की गुणवत्ता के स्तर में सुधार होने की संभावना अधिक होगी। इसके अलावा इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा भी विद्यार्थियों को मिलेगी।
विदेशी शिक्षा प्रणाली को लागू करने का होगा प्रयास
जिले से सात शिक्षकों को सिंगापुर में शिक्षण भ्रमण के लिए भेजा जा रहा है। यह शिक्षक विदेश में शिक्षण पद्धति को समझने के बाद इसे मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विद्यालयों में लागू करेंगे। आधुनिक तरीके से बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास होगा। विदेशी स्कूलों की शिक्षण पद्धति से आइडिया लेकर इन्हें सरकारी स्कूलों में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
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कोट
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर अशोक कुमार का कहना है कि जिले में 22 प्राथमिक विद्यालयों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शामिल किया गया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधा मिलेगी। अंग्रेजी माध्यम से पहली कक्षा से पढ़ाई करवाई जाएगी।
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आगामी शैक्षणिक सत्र में इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से शुरू होगी पढ़ाई
कक्षा वार अलग टीचर की होगी व्यवस्था, स्मार्ट क्लास रूम भी होंगे विकसित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिले में सरकारी स्कूलों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इस कड़ी में जिले के हर शिक्षा खंड से स्कूलों का चयन कर लिया गया है। इन स्कूलों की सूची तैयार कर शिक्षा निदेशालय को भेजी गई है। इन प्राथमिक पाठशालाओं को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना में शामिल किया जाएगा।
आगामी शैक्षणिक सत्र में इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू किए जाने की योजना है। प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों को स्कूलों में पढ़ाई के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विभाग की तरफ से इसे लेकर तैयारियां की जा रही हैं। निदेशालय से मंजूरी मिलते ही इन स्कूलों में जरूरी संसाधनों को जुटाने का कार्य भी शुरू किया जाएगा। योजना के तहत यह विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि उन स्कूलों का इस योजना में चयन हो जहां पर बच्चों की संख्या पहले से बेहतर है। इन स्कूलों की खास बात यह होगी कि हर कक्षा के लिए अलग से अध्यापक तैनात होंगे। पहली से पांचवीं कक्षा तक हर कक्षा के लिए एक टीचर को जिम्मा दिया जाएगा। इससे शिक्षा की गुणवत्ता के स्तर में सुधार होने की संभावना अधिक होगी। इसके अलावा इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा भी विद्यार्थियों को मिलेगी।
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विदेशी शिक्षा प्रणाली को लागू करने का होगा प्रयास
जिले से सात शिक्षकों को सिंगापुर में शिक्षण भ्रमण के लिए भेजा जा रहा है। यह शिक्षक विदेश में शिक्षण पद्धति को समझने के बाद इसे मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विद्यालयों में लागू करेंगे। आधुनिक तरीके से बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास होगा। विदेशी स्कूलों की शिक्षण पद्धति से आइडिया लेकर इन्हें सरकारी स्कूलों में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
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कोट
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर अशोक कुमार का कहना है कि जिले में 22 प्राथमिक विद्यालयों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शामिल किया गया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधा मिलेगी। अंग्रेजी माध्यम से पहली कक्षा से पढ़ाई करवाई जाएगी।