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छुट्टी पर घर आ रहे सैनिक का दिल का दौरा पडने से निधन
Updated Tue, 30 Oct 2018 09:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नादौन (हमीरपुर)। भारतीय सेना में सेवारत उपमंडल नादौन के माजरा गांव के एक सैनिक का छुट्टी पर घर आते समय दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सैनिक सियाचिन में तैनात था और छुट्टी लेकर घर के लिए निकला था लेकिन, सियाचिन हेलीपैड पर फ्लाइट पकड़ने से पूर्व ही उसे दिल का दौरा पड़ गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन, चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उपमंडल नादौन की ग्राम पंचायत कश्मीर के गांव माजरा का अजय कुमार (36) पुत्र धनी राम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह वर्ष 2000 में भारतीय सेना भर्ती हुआ था। जवान की शादी को 14 साल हो चुके हैं और बीते सितंबर माह में परिवार में बेटे ने जन्म लिया है। बेटे के जन्म और दिवाली की खुशी के लिए वह 28 अक्तूबर को ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आ रहा था लेकिन, घर नहीं पहुंच पाया। वह अपने बच्चे का मुंह तक नहीं देख पाया। वहीं, नवजात बच्चे के सिर से पिता का साया भी उठ गया। परिवार के इकलौते पुत्र अजय की मौत की खबर सुनते ही परिवार सहित क्षेत्र भर में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को शहीद का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम दिलेराम धीमान का कहना है कि अजय के शहीद होने की सूचना 28 अक्तूबर को मिली। मंगलवार को अजय का शव पैतृक गांव पहुंचा। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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उपमंडल नादौन की ग्राम पंचायत कश्मीर के गांव माजरा का अजय कुमार (36) पुत्र धनी राम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह वर्ष 2000 में भारतीय सेना भर्ती हुआ था। जवान की शादी को 14 साल हो चुके हैं और बीते सितंबर माह में परिवार में बेटे ने जन्म लिया है। बेटे के जन्म और दिवाली की खुशी के लिए वह 28 अक्तूबर को ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आ रहा था लेकिन, घर नहीं पहुंच पाया। वह अपने बच्चे का मुंह तक नहीं देख पाया। वहीं, नवजात बच्चे के सिर से पिता का साया भी उठ गया। परिवार के इकलौते पुत्र अजय की मौत की खबर सुनते ही परिवार सहित क्षेत्र भर में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को शहीद का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम दिलेराम धीमान का कहना है कि अजय के शहीद होने की सूचना 28 अक्तूबर को मिली। मंगलवार को अजय का शव पैतृक गांव पहुंचा। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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