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पेयजल की कमी से जूझ रहे जिला मुख्यालय सहित भोरंज और नादौन के बाशिंदे
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:50 PM IST
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हमीरपुर। जिला हमीरपुर के तीन ब्लॉकों में गर्मियों के दौरान लोगों को पेयजल समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। जिला में मुख्य रूप से मुख्यालय, भोरंज और नादौन के लोग पेयजल समस्या से परेशान हैं। जिला मुख्यालय में गर्मियां शुरू होने के बाद से ही पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। नगर परिषद हमीरपुर के 11 वार्डों में से कई वार्डों में पानी की सुचारु सप्लाई नहीं होती है। वार्डों में पानी की सप्लाई के लिए विभाग ने समय निर्धारित किए हैं, लेकिन सप्लाई समय अनुसार नहीं होती हैं। वर्तमान में जिला मुख्यालय की जनसंख्या 40 हजार के पार है। इनमें से करीब 21 हजार हमीरपुर नप के स्थायी निवासी है। आईपीएच विभाग द्वारा जिला मुख्यालय को प्रतिदिन 65 लाख लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। इस सप्लाई से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
वहीं भोरंज उपमंडल में स्थित सूबे की पहली कंप्यूटरीकृत पेयजल स्कीम से तो लोगों को आए दिन पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। दो विभागों की खींचतान में उलझी इस पेयजल स्कीम से भोरंज की 33 पंचायतों में पानी की सप्लाई सुचारु नहीं हो पाती है। जहां आईपीएच विभाग बिजली वोल्टेज की कमी का हवाला देता है वहीं बिजली बोर्ड वोल्टेज सही बताता है। लोगों को कभी दूसरे, कभी चौथे तो कभी सप्ताह बाद पानी की आपूर्ति होती है। वहीं उपमंडल नादौन की नपं नादौन में भी पेयजल समस्या बनी रहती है। लोगों ने विभाग से पेयजल की सुचारु सप्लाई करने की मांग की है।
क्या कहते हैं अधिकारी...
आईपीएच विभाग हमीरपुर के एक्सईएन नीरज भोगल का कहना है कि विभाग गर्मियों में लोगों को पेयजल उचित मात्रा में उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय की पानी की समस्या के समाधान के प्रत्येक वार्ड में पेयजल टैंक बनाए गए हैं। टैंकों को जल्द ही चालू किया जाएगा। इनके चालू होने के बाद मुख्यालय में 90 लाख लीटर पानी की सप्लाई प्रतिदिन की जाएगी। इससे पानी की समस्या का समाधान होगा। वहीं अन्य कस्बों में भी सहायक अभियंताओं को पानी की सुचारु सप्लाई देने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी खराबियों को दूर किया जाएगा।
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क्या कहते हैं प्रतिनिधि
भोरंज से जिला परिषद सदस्य पवन कुमार का कहना है कि उपमंडल की मेवा लगवालती पेयजल योजना से पंचायतों में सुचारु पेयजल आपूर्ति नहीं होती है। लोगों को आए दिन पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। इस कारण लोग परेशान हो गए हैं। उन्होंने समस्या के समाधान की मांग की है।
कड़होता पंचायत प्रधान विरेंद्र डोगरा का कहना है कि प्रदेश की पहली कंप्यूटरीकृत मेवा लगवालती पेयजल स्कीम आए दिन हांफ जाती है। क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ती है। विभाग को अवगत करवाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
अंजू ठाकुर का कहना है कि आए दिन होने वाली पेयजल समस्या के कारण दिनचर्या प्रभावित होती है। पानी के इंतजार में घंटों नलों के पास बैठने के बावजूद पानी नहीं आता है। सुबह ही पानी के न आने से दिनचर्या प्रभावित रहती है। उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
नगर परिषद हमीरपुर के उपाध्यक्ष दीप बजाज का कहना है कि नप के 11 वार्डाें में पेयजल समस्या बनी रहती है। उन्होंने कहा कि इसके समाधान के लिए बनाए गए टैंकों को विभाग मई माह में चालू करने की बात कहता है। इनकी सबसे ज्यादा जरूरत गर्मियों में है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को शहर के विकास के लिए जो बजट मिला है उसमें से कुछ भाग पेयजल पाइपों को बिछाने और पेयजल समस्या से निपटने के ऊपर खर्च होना चाहिए।
नपं नादौन के वार्ड एक की पार्षद संतोष का कहना है कि कस्बा में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की ही है। पेयजल के अभाव में लोग ठोकरें खाने को मजबूर हैं। विभाग को अवगत करवाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होता है।
नपं नादौन के वार्ड दो के पार्षद शम्मी सोनी का कहना है कि कस्बा में पानी की कमी के कारण लोग अकसर पैसे देकर टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बने वेल से जब कस्बा को सप्लाई शुरू होगी तब समस्या का समाधान होगा।
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वहीं भोरंज उपमंडल में स्थित सूबे की पहली कंप्यूटरीकृत पेयजल स्कीम से तो लोगों को आए दिन पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। दो विभागों की खींचतान में उलझी इस पेयजल स्कीम से भोरंज की 33 पंचायतों में पानी की सप्लाई सुचारु नहीं हो पाती है। जहां आईपीएच विभाग बिजली वोल्टेज की कमी का हवाला देता है वहीं बिजली बोर्ड वोल्टेज सही बताता है। लोगों को कभी दूसरे, कभी चौथे तो कभी सप्ताह बाद पानी की आपूर्ति होती है। वहीं उपमंडल नादौन की नपं नादौन में भी पेयजल समस्या बनी रहती है। लोगों ने विभाग से पेयजल की सुचारु सप्लाई करने की मांग की है।
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क्या कहते हैं अधिकारी...
आईपीएच विभाग हमीरपुर के एक्सईएन नीरज भोगल का कहना है कि विभाग गर्मियों में लोगों को पेयजल उचित मात्रा में उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय की पानी की समस्या के समाधान के प्रत्येक वार्ड में पेयजल टैंक बनाए गए हैं। टैंकों को जल्द ही चालू किया जाएगा। इनके चालू होने के बाद मुख्यालय में 90 लाख लीटर पानी की सप्लाई प्रतिदिन की जाएगी। इससे पानी की समस्या का समाधान होगा। वहीं अन्य कस्बों में भी सहायक अभियंताओं को पानी की सुचारु सप्लाई देने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी खराबियों को दूर किया जाएगा।
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क्या कहते हैं प्रतिनिधि
भोरंज से जिला परिषद सदस्य पवन कुमार का कहना है कि उपमंडल की मेवा लगवालती पेयजल योजना से पंचायतों में सुचारु पेयजल आपूर्ति नहीं होती है। लोगों को आए दिन पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। इस कारण लोग परेशान हो गए हैं। उन्होंने समस्या के समाधान की मांग की है।
कड़होता पंचायत प्रधान विरेंद्र डोगरा का कहना है कि प्रदेश की पहली कंप्यूटरीकृत मेवा लगवालती पेयजल स्कीम आए दिन हांफ जाती है। क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ती है। विभाग को अवगत करवाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
अंजू ठाकुर का कहना है कि आए दिन होने वाली पेयजल समस्या के कारण दिनचर्या प्रभावित होती है। पानी के इंतजार में घंटों नलों के पास बैठने के बावजूद पानी नहीं आता है। सुबह ही पानी के न आने से दिनचर्या प्रभावित रहती है। उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
नगर परिषद हमीरपुर के उपाध्यक्ष दीप बजाज का कहना है कि नप के 11 वार्डाें में पेयजल समस्या बनी रहती है। उन्होंने कहा कि इसके समाधान के लिए बनाए गए टैंकों को विभाग मई माह में चालू करने की बात कहता है। इनकी सबसे ज्यादा जरूरत गर्मियों में है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को शहर के विकास के लिए जो बजट मिला है उसमें से कुछ भाग पेयजल पाइपों को बिछाने और पेयजल समस्या से निपटने के ऊपर खर्च होना चाहिए।
नपं नादौन के वार्ड एक की पार्षद संतोष का कहना है कि कस्बा में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की ही है। पेयजल के अभाव में लोग ठोकरें खाने को मजबूर हैं। विभाग को अवगत करवाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होता है।
नपं नादौन के वार्ड दो के पार्षद शम्मी सोनी का कहना है कि कस्बा में पानी की कमी के कारण लोग अकसर पैसे देकर टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बने वेल से जब कस्बा को सप्लाई शुरू होगी तब समस्या का समाधान होगा।