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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व हेल्परों की हड़ताल 17 को
Updated Fri, 12 Jan 2018 10:52 PM IST
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हमीरपुर। सीटू तथा अन्य ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर 17 जनवरी को हमीरपुर जिला मुख्यालय पर एक दिन की हड़ताल व प्रदर्शन करेंगी। सीटू के जिला सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर विरोधी नीतियों के खिलाफ होगा। केंद्र में सत्ता संभालने के बाद से भाजपा सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर का मानदेय नहीं बढ़ाया है। जबकि पिछले तीन वर्षों में महंगाई कई गुणा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय श्रम सम्मेलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिड-डे मील कार्यकर्ता तथा आशा कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी बनाने व सरकारी कर्मचारी की सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया था। परंतु केंद्र सरकार ने उसे अभी तक लागू नहीं किया।
यूनियन की मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर को केरल महाराष्ट्र व कर्नाटक की तर्ज पर पेंशन सुविधा दी जाए। जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर को नियमित नहीं किया जाता तब तक हरियाणा की तर्ज पर 8500 रुपये मासिक दिया जाए। सीटू जिला कमेटी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों को मिलने वाले पोषाहार के पैसे को माताओं के खाते में डालने संबंधी सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को वापस लिया जाए। केंद्र सरकार की मंशा बाल विकास परियोजना को बंद करने की है जिससे 66 लाख के करीब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा मिड-डे मील कार्यकर्ता की नौकरी खत्म हो जाएगी। सीटू जिला कमेटी ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है। सीटू ने सभी आंगनबाड़ी मिड-डे मील तथा आशा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस हड़ताल में भाग लें।
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यूनियन की मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर को केरल महाराष्ट्र व कर्नाटक की तर्ज पर पेंशन सुविधा दी जाए। जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर को नियमित नहीं किया जाता तब तक हरियाणा की तर्ज पर 8500 रुपये मासिक दिया जाए। सीटू जिला कमेटी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों को मिलने वाले पोषाहार के पैसे को माताओं के खाते में डालने संबंधी सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को वापस लिया जाए। केंद्र सरकार की मंशा बाल विकास परियोजना को बंद करने की है जिससे 66 लाख के करीब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा मिड-डे मील कार्यकर्ता की नौकरी खत्म हो जाएगी। सीटू जिला कमेटी ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है। सीटू ने सभी आंगनबाड़ी मिड-डे मील तथा आशा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस हड़ताल में भाग लें।
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