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जाहू में बिना अनुमति लगाए मेले को दो दिन में हटाने के आदेश
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जाहू में बिना अनुमति लगाए मेले को दो दिन में हटाने के आदेश
फिर विवादों में घिरा जाहू पंचायत का मेला
अनुमति प्रस्ताव को पंचायत सचिव ने नहीं भेजा प्रशासन को
एसपी ने मौके का दौरा कर दो दिन में दुकानें हटाने को कहा
बीते एक दशक से जाहू सड़क किनारे लगता आ रहा है मेला
अमर उजाला ब्यूरो
जाहू (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत जाहू में लगने वाला मेला पूर्व की तरह इस बार भी विवादों में घिर गया है। ग्राम पंचायत ने प्रशासन से मेला लगाने के लिए अनुमति लेने के लिए प्रस्ताव तो डाला, लेकिन इस प्रस्ताव को आगे प्रशासन के पास ही नहीं भेजा। अब एसपी हमीरपुर ने मेले में लगी दुकानों को दो दिन के भीतर हटाने के आदेश दिए हैं। करीब एक दशक से जाहू पंचायत में पुरानी सड़क के किनारे यह मेला लगता आ रहा है। बीते दो सालों से मेले को लेकर पंचायत में दो गुट बन चुके हैं। जिनमें एक गुट वर्षों से पुराने स्थान पर ही मेले को लगाने की बात करता है तो दूसरा सड़क मार्ग पर दुर्घटना होने की बात कर प्रशासन से मेला बंद करने की शिकायतें करता रहा है।
भोरंज उपमंडल की जाहू पंचायत में साल में दो बार मेले का आयोजन किया जाता है। पंचायत मेले के शुभारंभ से पहले प्रस्ताव पारित करके जिला प्रशासन को मेले के आयोजन के लिए सूचित करती है। हालांकि, पंचायत प्रधान राजू की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बार भी सात दिन तक चलने वाले मेले के लिए प्रस्ताव पारित करके 22 अप्रैल से मेला शुरू करने का निर्णय लिया गया था। बाकायदा मेले के संचालन के लिए स्वच्छता और तहबाजारी कमेटी का भी गठन किया है। इसके बावजूद पंचायत सचिव ने प्रस्ताव की कॉपी जिलाधीश, भोरंज के एसडीएम और पुलिस विभाग को भेजने की जरूरत नहीं समझी। प्रशासन को इस बाबत शिकायत स्थानीय लोगों ने की है। हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने सोमवार को जाहू का दौरा किया तो सड़क के किनारे दुकानें सजी हुई थीं। दुकानों में भीड़ होने के कारण वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी। इस बाबत मेले के संचालक पंचायत प्रधान और पंचायत सचिव को जाहू पुलिस चौकी तलब किया गया। पुलिस अधीक्षक ने दो दिनों के भीतर सड़क के किनारे लगी दुकानें हटाने के आदेश पंचायत को दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई होगी।
जाहू पंचायत प्रधान राजू का कहना है कि मेले के लिए पंचायत ने समय पर प्रस्ताव पारित किया है और प्रस्ताव की प्रति प्रशासन को भेजने के लिए पंचायत सचिव को दी। उन्होंने प्रति आगे क्यों नहीं भेजी, यह तो वह ही बता सकती हैं।
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जाहू पंचायत सचिव माया देवी का कहना है कि पंचायत ने मेले के आयोजन के लिए प्रस्ताव पारित किया है। लेकिन, छुट्टी पर होने के कारण प्रस्ताव की प्रति प्रशासन और पुलिस को भेजने में चूक हुई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पुलिस चौकी में एसपी को इस बारे में अवगत करवा दिया और प्रस्ताव की प्रति दे दी गई।
डीएसपी बड़सर जसवीर सिंह का कहना है कि पंचायत ने मेले के संचालन के लिए न तो लोक निर्माण विभाग और न ही प्रशासन से अनुमति ली है। मेला सड़क के किनारे लगने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में मेले में सड़क के किनारे लगी दुकानों को दो दिनों में हटाने के आदेश दिए हैं।
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फिर विवादों में घिरा जाहू पंचायत का मेला
अनुमति प्रस्ताव को पंचायत सचिव ने नहीं भेजा प्रशासन को
एसपी ने मौके का दौरा कर दो दिन में दुकानें हटाने को कहा
बीते एक दशक से जाहू सड़क किनारे लगता आ रहा है मेला
अमर उजाला ब्यूरो
जाहू (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत जाहू में लगने वाला मेला पूर्व की तरह इस बार भी विवादों में घिर गया है। ग्राम पंचायत ने प्रशासन से मेला लगाने के लिए अनुमति लेने के लिए प्रस्ताव तो डाला, लेकिन इस प्रस्ताव को आगे प्रशासन के पास ही नहीं भेजा। अब एसपी हमीरपुर ने मेले में लगी दुकानों को दो दिन के भीतर हटाने के आदेश दिए हैं। करीब एक दशक से जाहू पंचायत में पुरानी सड़क के किनारे यह मेला लगता आ रहा है। बीते दो सालों से मेले को लेकर पंचायत में दो गुट बन चुके हैं। जिनमें एक गुट वर्षों से पुराने स्थान पर ही मेले को लगाने की बात करता है तो दूसरा सड़क मार्ग पर दुर्घटना होने की बात कर प्रशासन से मेला बंद करने की शिकायतें करता रहा है।
भोरंज उपमंडल की जाहू पंचायत में साल में दो बार मेले का आयोजन किया जाता है। पंचायत मेले के शुभारंभ से पहले प्रस्ताव पारित करके जिला प्रशासन को मेले के आयोजन के लिए सूचित करती है। हालांकि, पंचायत प्रधान राजू की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बार भी सात दिन तक चलने वाले मेले के लिए प्रस्ताव पारित करके 22 अप्रैल से मेला शुरू करने का निर्णय लिया गया था। बाकायदा मेले के संचालन के लिए स्वच्छता और तहबाजारी कमेटी का भी गठन किया है। इसके बावजूद पंचायत सचिव ने प्रस्ताव की कॉपी जिलाधीश, भोरंज के एसडीएम और पुलिस विभाग को भेजने की जरूरत नहीं समझी। प्रशासन को इस बाबत शिकायत स्थानीय लोगों ने की है। हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने सोमवार को जाहू का दौरा किया तो सड़क के किनारे दुकानें सजी हुई थीं। दुकानों में भीड़ होने के कारण वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी। इस बाबत मेले के संचालक पंचायत प्रधान और पंचायत सचिव को जाहू पुलिस चौकी तलब किया गया। पुलिस अधीक्षक ने दो दिनों के भीतर सड़क के किनारे लगी दुकानें हटाने के आदेश पंचायत को दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई होगी।
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जाहू पंचायत प्रधान राजू का कहना है कि मेले के लिए पंचायत ने समय पर प्रस्ताव पारित किया है और प्रस्ताव की प्रति प्रशासन को भेजने के लिए पंचायत सचिव को दी। उन्होंने प्रति आगे क्यों नहीं भेजी, यह तो वह ही बता सकती हैं।
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जाहू पंचायत सचिव माया देवी का कहना है कि पंचायत ने मेले के आयोजन के लिए प्रस्ताव पारित किया है। लेकिन, छुट्टी पर होने के कारण प्रस्ताव की प्रति प्रशासन और पुलिस को भेजने में चूक हुई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पुलिस चौकी में एसपी को इस बारे में अवगत करवा दिया और प्रस्ताव की प्रति दे दी गई।
डीएसपी बड़सर जसवीर सिंह का कहना है कि पंचायत ने मेले के संचालन के लिए न तो लोक निर्माण विभाग और न ही प्रशासन से अनुमति ली है। मेला सड़क के किनारे लगने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में मेले में सड़क के किनारे लगी दुकानों को दो दिनों में हटाने के आदेश दिए हैं।