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विकास कार्यों की राशि से हो रहा वेतन भुगतान
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:41 PM IST
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सुजानपुर(हमीरपुर)। स्थानीय कस्बे में विकास कार्यों के लिए जारी होने वाली राशि से नगर परिषद कर्मी अपने मासिक वेतनों का भुगतान कर रहे हैं। नियमानुसार विकास कार्य के लिए आने वाली राशि से केवल विकास कार्य ही हो सकते हैं। कर्मियों का मासिक वेतन शहर से इकट्ठे होने वाले विभिन्न प्रकार के करों से निकालना होता है।
इसका खुलासा खुद नगर परिषद के अध्यक्ष रमन भट्टनागर ने किया है। उन्होंने कहा है कि प्रतिवर्ष मिलने वाले नगर परिषद के बजट का आधे से ज्यादा हिस्सा नगर परिषद कर्मियों के मासिक वेतन में ही व्यय हो रहा है। जिसके चलते शहर में होने वाले विकास कार्य बजट अभाव में लटके पड़े हुए हैं। रमन ने कहा कि मौजूदा समय में स्वच्छ भारत मिशन के तहत टैक्सी स्टैंड सुजानपुर में करीब 8 पुरुष एवं महिला शौचालय बनने हैं। जिसके लिए तमाम कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। लेकिन बजट अभाव के चलते शौचालयों का निर्माण नहीं हो रहा है। लावारिस पशुओं को छत नसीब हो जिसके आदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए हैं। लेकिन पशुओं के लिए बनने वाली गोशाला का बजट के अभाव में कार्य लटका हुआ है। उन्होंने कहा कई अन्य कार्य बजट के चलते लटके पड़े हैं। रमन ने कहा कि विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि विकास कार्यों पर ही खर्च हो इसके लिए एक पत्र शहरी विकास मंत्रालय हिमाचल सरकार को भेजेंगे। इस संबंध में नगर परिषद के ईओ किशोरी लाल ने कहा कि गोशाला निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और नगर परिषद के हाल का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। केवल रेलिंग लगाने का कार्य बाकी है। उन्होंने कहा कि लिंक मार्ग के लिए जितना बजट जारी हुआ था उतना कार्य करवा दिया है। अगला बजट जैसे ही जारी होगा विकास कार्य युद्ध स्तर पर पूरे करवाए जाएंगे।
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इसका खुलासा खुद नगर परिषद के अध्यक्ष रमन भट्टनागर ने किया है। उन्होंने कहा है कि प्रतिवर्ष मिलने वाले नगर परिषद के बजट का आधे से ज्यादा हिस्सा नगर परिषद कर्मियों के मासिक वेतन में ही व्यय हो रहा है। जिसके चलते शहर में होने वाले विकास कार्य बजट अभाव में लटके पड़े हुए हैं। रमन ने कहा कि मौजूदा समय में स्वच्छ भारत मिशन के तहत टैक्सी स्टैंड सुजानपुर में करीब 8 पुरुष एवं महिला शौचालय बनने हैं। जिसके लिए तमाम कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। लेकिन बजट अभाव के चलते शौचालयों का निर्माण नहीं हो रहा है। लावारिस पशुओं को छत नसीब हो जिसके आदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए हैं। लेकिन पशुओं के लिए बनने वाली गोशाला का बजट के अभाव में कार्य लटका हुआ है। उन्होंने कहा कई अन्य कार्य बजट के चलते लटके पड़े हैं। रमन ने कहा कि विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि विकास कार्यों पर ही खर्च हो इसके लिए एक पत्र शहरी विकास मंत्रालय हिमाचल सरकार को भेजेंगे। इस संबंध में नगर परिषद के ईओ किशोरी लाल ने कहा कि गोशाला निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और नगर परिषद के हाल का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। केवल रेलिंग लगाने का कार्य बाकी है। उन्होंने कहा कि लिंक मार्ग के लिए जितना बजट जारी हुआ था उतना कार्य करवा दिया है। अगला बजट जैसे ही जारी होगा विकास कार्य युद्ध स्तर पर पूरे करवाए जाएंगे।
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