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केमिस्टों की हड़ताल बेअसर, आधे शटर खुले रख बेची दवाइयां
Updated Fri, 28 Sep 2018 11:04 PM IST
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हमीरपुर। जिला हमीरपुर में ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल का कुछ खासा असर नहीं दिखा। कुछ केमिस्टों ने हड़ताल के चलते गांधी चौक हमीरपुर पर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया लेकिन, शहर के कई केमिस्टों ने आधे शटर खोलकर दवाइयां बेचीं और हड़ताल में चांदी कूटी। जिससे केमिस्टों की हड़ताल आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। वहीं लोगों को भी केमिस्टों की हड़ताल का कोई खासा असर नहीं पड़ा। मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर और जन औषधि केंद्र से दवाइयां उपलब्ध हो गईं।
अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर में दिनभर लोगों की भीड़ रही लेकिन, अधिक समय लगने के बावजूद लोगों को अस्पताल में ही दवाइयां उपलब्ध हो गईं। ऐसे में केमिस्टों की हड़ताल का कोई ज्यादा असर लोगों पर नहीं पड़ा। अस्पताल के अंदर मौजूद निशुल्क दवाई केंद्र में तो पूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं रहीं लेकिन, प्राइवेट संचालक के मेडिकल स्टोर के खुले होने से लोगों को बाहर जाने की जरूरत कम पड़ी। कुछ लोग जो बाहर गए उन्हें कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने आधे शटर खुले रखकर दवाइयों की सप्लाई दी। हमीरपुर केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान हरीश शर्मा ने कहा कि मांगों को लेकर सभी केमिस्ट हड़ताल पर रहे हैं। अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर आपातकाल के लिए खुला रखा गया था। शटर खुले रखकर दवाइयां बेचने की सूचना नहीं है।
क्या कहते हैं मरीज और तीमारदार..
अस्पताल के अंदर ही मिलीं दवाइयां
अस्पताल में उपचार और दवाई के लिए आए प्रवीण कुमार ने कहा कि बाहर के मेडिकल स्टोर बंद होने से कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने उपचार के बाद अस्पताल के अंदर से ही सारी दवाइयां ले लीं। अंदर ही दवाइयां उपलब्ध होने के कारण बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
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केमिस्ट की दुकानें बंद होने का नहीं कोई असर
अपनी माता के लिए दवा लेने आए मुनीष ने कहा कि उन्हें अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर से ही दवा मिल गई। इस कारण उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। केमिस्ट की दुकानें बंद होने का कोई असर नहीं पड़ा। दवाइयां अस्पताल के अंदर ही मिल गईं।
अंदर भीड़ रही लेकिन, दवाइयां मिलीं
प्रताप चंद ने कहा कि दवाइयां लेने के लिए परेशानी नहीं झेलनी पड़ी। अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर में भीड़ के कारण दवाइयां लेने में थोड़ा समय लगा लेकिन, दवाइयां मिल गईं। इस कारण कोई समस्या नहीं हुई।
हड़ताल के कारण दवा लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी
अस्पताल के अंदर मौजूद आरकेएस के तहत संचालित मेडिकल स्टोर के सेल्समैन विजेंद्र शर्मा ने कहा कि हड़ताल का कुछ खास असर नहीं है। लोगों की मांग के अनुसार अधिकतर दवाइयां मेडिकल स्टोर में उपलब्ध हैं। बाहर की दुकानें बंद होने से शुक्रवार को अंदर दवाइयां खरीदने वालों की संख्या में हल्की वृद्धि हुई लेकिन, कोई समस्या नहीं हुई है।
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अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर में दिनभर लोगों की भीड़ रही लेकिन, अधिक समय लगने के बावजूद लोगों को अस्पताल में ही दवाइयां उपलब्ध हो गईं। ऐसे में केमिस्टों की हड़ताल का कोई ज्यादा असर लोगों पर नहीं पड़ा। अस्पताल के अंदर मौजूद निशुल्क दवाई केंद्र में तो पूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं रहीं लेकिन, प्राइवेट संचालक के मेडिकल स्टोर के खुले होने से लोगों को बाहर जाने की जरूरत कम पड़ी। कुछ लोग जो बाहर गए उन्हें कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने आधे शटर खुले रखकर दवाइयों की सप्लाई दी। हमीरपुर केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान हरीश शर्मा ने कहा कि मांगों को लेकर सभी केमिस्ट हड़ताल पर रहे हैं। अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर आपातकाल के लिए खुला रखा गया था। शटर खुले रखकर दवाइयां बेचने की सूचना नहीं है।
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क्या कहते हैं मरीज और तीमारदार..
अस्पताल के अंदर ही मिलीं दवाइयां
अस्पताल में उपचार और दवाई के लिए आए प्रवीण कुमार ने कहा कि बाहर के मेडिकल स्टोर बंद होने से कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने उपचार के बाद अस्पताल के अंदर से ही सारी दवाइयां ले लीं। अंदर ही दवाइयां उपलब्ध होने के कारण बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
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केमिस्ट की दुकानें बंद होने का नहीं कोई असर
अपनी माता के लिए दवा लेने आए मुनीष ने कहा कि उन्हें अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर से ही दवा मिल गई। इस कारण उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। केमिस्ट की दुकानें बंद होने का कोई असर नहीं पड़ा। दवाइयां अस्पताल के अंदर ही मिल गईं।
अंदर भीड़ रही लेकिन, दवाइयां मिलीं
प्रताप चंद ने कहा कि दवाइयां लेने के लिए परेशानी नहीं झेलनी पड़ी। अस्पताल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर में भीड़ के कारण दवाइयां लेने में थोड़ा समय लगा लेकिन, दवाइयां मिल गईं। इस कारण कोई समस्या नहीं हुई।
हड़ताल के कारण दवा लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी
अस्पताल के अंदर मौजूद आरकेएस के तहत संचालित मेडिकल स्टोर के सेल्समैन विजेंद्र शर्मा ने कहा कि हड़ताल का कुछ खास असर नहीं है। लोगों की मांग के अनुसार अधिकतर दवाइयां मेडिकल स्टोर में उपलब्ध हैं। बाहर की दुकानें बंद होने से शुक्रवार को अंदर दवाइयां खरीदने वालों की संख्या में हल्की वृद्धि हुई लेकिन, कोई समस्या नहीं हुई है।