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अस्पताल की लैबोरेटरी के बाहर धक्के खाने को मजबूर लोग
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अस्पताल की लैबोरेटरी के बाहर धक्के खाने को मजबूर लोग
प्रयोगशाला के बाहर न टोकन डिस्प्ले, न ही ली जा रही पर्चियां
लाइनों में खड़े होकर लोग कर रहे धक्कामुक्की, तनावपूर्ण हो रहा माहौल
महिलाओं और वृद्धों को लाइनों में खड़े होने से हो रही परेशानी
लोगों ने लैबोरेटरी के बाहर टोकन डिस्प्ले लगाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के कमरा नंबर एक में स्थित लैबोरेटरी के बाहर लोग धक्के खाने को मजबूर हो रहे हैं। लैबोरेटरी के बाहर न तो टोकन डिस्प्ले है और न ही पर्चियों में नंबर के हिसाब से लोगों के टेस्ट हो रहे हैं। ऐसे में लाइनों में लगकर लोगों को टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। पर्चियों के नंबर के हिसाब की बजाय लाइनों में लगकर टेस्ट करवाने के लिए लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को होती है। कई बार लाइनों में लगे लोग पहले नंबर लगवाने के चक्कर में एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की करने लगते हैं। इससे माहौल तनावपूर्ण बना रहता है।
बीते सोमवार को भी टेस्ट करवाने के लिए खड़ा एक दिव्यांग वृद्ध चक्कर आने के कारण गिर पड़ा। जिसे उपस्थित लोगों ने साथ लगती कुर्सी पर बैठाया। बुजुर्ग लैबोरेटरी में अपना नंबर लगवाने के लिए लाइन में काफी देर से खड़ा था। वहीं, वहां उपस्थित लोगों में अभिषेक शर्मा, बंती देवी, विनोद कुमार, रिशु आदि ने कहा कि लाइनों में खड़े रहने से महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। या तो लैबोरेटरी में टेस्ट के लिए एंट्री करवाते समय मरीजों को टोकन दिए जाएं या पर्चियां जमा करवाने के हिसाब से मरीजों को आवाज लगाकर जांच के लिए बुलाया जाए ताकि, लैबोरेटरी के बाहर लगने वाली भीड़ में होने वाली धक्कामुक्की से छुटकारा मिल सके और वृद्ध, दिव्यांग तथा महिलाएं साथ लगती कुर्सियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें। इस संबंध में एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि लैबोरेटरी इंचार्ज से बात कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
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प्रयोगशाला के बाहर न टोकन डिस्प्ले, न ही ली जा रही पर्चियां
लाइनों में खड़े होकर लोग कर रहे धक्कामुक्की, तनावपूर्ण हो रहा माहौल
महिलाओं और वृद्धों को लाइनों में खड़े होने से हो रही परेशानी
लोगों ने लैबोरेटरी के बाहर टोकन डिस्प्ले लगाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के कमरा नंबर एक में स्थित लैबोरेटरी के बाहर लोग धक्के खाने को मजबूर हो रहे हैं। लैबोरेटरी के बाहर न तो टोकन डिस्प्ले है और न ही पर्चियों में नंबर के हिसाब से लोगों के टेस्ट हो रहे हैं। ऐसे में लाइनों में लगकर लोगों को टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। पर्चियों के नंबर के हिसाब की बजाय लाइनों में लगकर टेस्ट करवाने के लिए लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को होती है। कई बार लाइनों में लगे लोग पहले नंबर लगवाने के चक्कर में एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की करने लगते हैं। इससे माहौल तनावपूर्ण बना रहता है।
बीते सोमवार को भी टेस्ट करवाने के लिए खड़ा एक दिव्यांग वृद्ध चक्कर आने के कारण गिर पड़ा। जिसे उपस्थित लोगों ने साथ लगती कुर्सी पर बैठाया। बुजुर्ग लैबोरेटरी में अपना नंबर लगवाने के लिए लाइन में काफी देर से खड़ा था। वहीं, वहां उपस्थित लोगों में अभिषेक शर्मा, बंती देवी, विनोद कुमार, रिशु आदि ने कहा कि लाइनों में खड़े रहने से महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। या तो लैबोरेटरी में टेस्ट के लिए एंट्री करवाते समय मरीजों को टोकन दिए जाएं या पर्चियां जमा करवाने के हिसाब से मरीजों को आवाज लगाकर जांच के लिए बुलाया जाए ताकि, लैबोरेटरी के बाहर लगने वाली भीड़ में होने वाली धक्कामुक्की से छुटकारा मिल सके और वृद्ध, दिव्यांग तथा महिलाएं साथ लगती कुर्सियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें। इस संबंध में एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि लैबोरेटरी इंचार्ज से बात कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
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