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आउटसोर्स कर्मियों के शोषण का कारण ठेकेदारों को दिए जाने वाला संरक्षण : सीटू
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हमीरपुर। सीटू जिला कमेटी की रविवार को जिला अध्यक्ष प्रताप राणा की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। इसमें भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार की ओर से बनाई जा रहीं मजदूर विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की गई। सरकार के विरुद्ध इन नीतियों के खिलाफ तमाम मजदूरों को संगठित करने का संकल्प लिया गया। सीटू जिला कमेटी ने सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण की कड़ी निंदा की।
सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार मजदूरों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली न्यूनतम वेतन ईपीएफ और अन्य सुविधाओं को देने में भी असमर्थ रही है। आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण की वजह ठेकेदारों को मिलने वाला राजनीतिक संरक्षण है। जिसके चलते श्रम विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जाते। जिसकी वजह से मजदूरों में रोष है। इसके विरुद्ध आउटसोर्स कर्मचारियों का एक लंबा आंदोलन छेड़ा जाएगा। सीटू जिला कमेटी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिड डे मील कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों के शोषण की भी कड़ी आलोचना की। इन मजदूरों को नाम मात्र वेतन दिया जाता है। सीटू कमेटी ने कहा कि मोदी सरकार महज जुमलों के नाम पर मजदूरों के साथ छलावा करती आई है। सीटू जिला कमेटी ने वर्तमान राजनीतिक हालात को देखते हुए मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया।
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सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार मजदूरों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली न्यूनतम वेतन ईपीएफ और अन्य सुविधाओं को देने में भी असमर्थ रही है। आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण की वजह ठेकेदारों को मिलने वाला राजनीतिक संरक्षण है। जिसके चलते श्रम विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जाते। जिसकी वजह से मजदूरों में रोष है। इसके विरुद्ध आउटसोर्स कर्मचारियों का एक लंबा आंदोलन छेड़ा जाएगा। सीटू जिला कमेटी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिड डे मील कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों के शोषण की भी कड़ी आलोचना की। इन मजदूरों को नाम मात्र वेतन दिया जाता है। सीटू कमेटी ने कहा कि मोदी सरकार महज जुमलों के नाम पर मजदूरों के साथ छलावा करती आई है। सीटू जिला कमेटी ने वर्तमान राजनीतिक हालात को देखते हुए मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया।
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