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मानसिक तनाव और स्ट्रेस की चपेट में जिला के युवा
Updated Tue, 20 Nov 2018 11:24 PM IST
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हमीरपुर। जिला के युवा और अधेड़ उम्र के लोग मानसिक तनाव में हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोरोग चिकित्सक के पास रोजाना करीब दो दर्जन मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर युवा ऐसे हैं जो नशा करते हैं और बेरोजगार हैं। नशा करने वाले अधिकतर युवा मनोरोगों के शिकार हो रहे हैं। अस्पताल की मनोरोग ओपीडी में 25 से 40 साल के रोगी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने परिवारजनों से मानसिक तनाव के लक्षण पाए जाने पर विशेषज्ञ के पास दिखाने की अपील की है ताकि समय रहते उसका सही उपचार हो सके और मानसिक तनाव से छुटकारा दिलाया जा सके।
मानसिक रोगों से ग्रसित व्यक्ति हमेशा परेशान या व्याकुल रहता है। इसके साथ ही उसमें उदासीनता, चिड़चिड़ापन, चिंताग्रस्त, खाने और सोने के व्यवहार में परिवर्तन, गुस्सा या अधिक ज्यादा बोझ, अकेले रहना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। वर्तमान में कई तरह के नशे की चपेट में आकर युवा अकसर तनाव ग्रस्त हो जाते हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोचिकित्सक डॉ. संदीप कुमार कहन है कि ओपीडी में रोजाना 20-22 लोग मनोरोगों से ग्रसित आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति के कारण वह अधिक मानसिक तनाव में आ रहे हैं। उन्होंने लक्षण पाए जाने पर परिवार सदस्यों से व्यक्ति को मनोचिकित्सक के पास दिखाने की अपील की है।
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मानसिक रोगों से ग्रसित व्यक्ति हमेशा परेशान या व्याकुल रहता है। इसके साथ ही उसमें उदासीनता, चिड़चिड़ापन, चिंताग्रस्त, खाने और सोने के व्यवहार में परिवर्तन, गुस्सा या अधिक ज्यादा बोझ, अकेले रहना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। वर्तमान में कई तरह के नशे की चपेट में आकर युवा अकसर तनाव ग्रस्त हो जाते हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोचिकित्सक डॉ. संदीप कुमार कहन है कि ओपीडी में रोजाना 20-22 लोग मनोरोगों से ग्रसित आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति के कारण वह अधिक मानसिक तनाव में आ रहे हैं। उन्होंने लक्षण पाए जाने पर परिवार सदस्यों से व्यक्ति को मनोचिकित्सक के पास दिखाने की अपील की है।
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