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पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों के साथ की चर्चा
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:37 PM IST
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नादौन(हमीरपुर)। हिमालय नीति अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका उपर्जन अभियान को साकार करने के लिए आरंभ की गई यात्रा शुक्रवार को नादौन पहुंची। इस दौरान अभियान से जुड़े लोगों ने नादौन के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक किया। प्रदेश की वन संपदा के संरक्षण, वनाधिकार कानून, विस्थापन के बिना विकास का मॉडल, संरक्षण-दोहन व रोजगार का संबंध आदि के बारे में जागरूक किया।
संस्था के अध्यक्ष कुलभूषण उपमन्यु, संयोजक गुमान सिंह व संत राम ने बताया कि इस विषय को लेकर लोगों के साथ चर्चा की जा रही है ताकि विकास के मॉडल के साथ-साथ प्रदेश का पर्यावरण संतुलन भी बरकरार रहे। गुमान सिंह ने बताया कि संस्था का प्रयास रहा था कि प्रदेश की विभिन्न राजीतिक पार्टियां प्रदेश के लोगों के हित के साथ जुड़े इन मुद्दों को लेकर चुनावी घोषणाएं करें। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण ग्राम समाज की प्रमुख भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नाजायज कब्जे की समस्या का समाधान भी वन अधिकार कानून लागू करने में ही संभव है। उन्होंने बताया कि इस कानून से ग्राम सभा को वन संरक्षण, प्रबंधन व इस्तेमाल का सीधा अधिकार प्राप्त होगा और जनजातीय क्षेत्रों में सालों से लंबित पड़ी नौतोड़ की मिसलों का भी निपटारा हो सकेगा। इस अवसर पर अजीत राठौर, राजेंद्र चौहान, रंजीत सिंह, निर्मल सिंह, रूप सिंह, लीलानंद आदि उपस्थित रहे।
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संस्था के अध्यक्ष कुलभूषण उपमन्यु, संयोजक गुमान सिंह व संत राम ने बताया कि इस विषय को लेकर लोगों के साथ चर्चा की जा रही है ताकि विकास के मॉडल के साथ-साथ प्रदेश का पर्यावरण संतुलन भी बरकरार रहे। गुमान सिंह ने बताया कि संस्था का प्रयास रहा था कि प्रदेश की विभिन्न राजीतिक पार्टियां प्रदेश के लोगों के हित के साथ जुड़े इन मुद्दों को लेकर चुनावी घोषणाएं करें। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण ग्राम समाज की प्रमुख भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नाजायज कब्जे की समस्या का समाधान भी वन अधिकार कानून लागू करने में ही संभव है। उन्होंने बताया कि इस कानून से ग्राम सभा को वन संरक्षण, प्रबंधन व इस्तेमाल का सीधा अधिकार प्राप्त होगा और जनजातीय क्षेत्रों में सालों से लंबित पड़ी नौतोड़ की मिसलों का भी निपटारा हो सकेगा। इस अवसर पर अजीत राठौर, राजेंद्र चौहान, रंजीत सिंह, निर्मल सिंह, रूप सिंह, लीलानंद आदि उपस्थित रहे।
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