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छुट्टियों की बैठक में न बुलाने पर भड़की शिक्षक परिषद
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नादौन (हमीरपुर)। स्कूलों में होने वाली छुट्टियों के विषय पर चर्चा के लिए 23 मार्च को रखी बैठक में राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद को न बुलाए जाने पर पदाधिकारियों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। परिषद के महासचिव अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष सोहन लाल, संगठन मंत्री योगेश अत्री और शांता कुमार ने कहा कि जब उच्चतर शिक्षा निदेशक ने सभी शिक्षक संगठनों के अध्यक्षों को बैठक में बुलाया है तो संस्कृत शिक्षक परिषद के अध्यक्ष को बैठक में बुलाने से परहेज क्यों किया गया।
उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षक परिषद पांच हजार से ज्यादा संस्कृत शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करती है। इन अध्यापकों का संस्कृत के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहता है। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे ही जब द्वितीय राजभाषा समिति, संस्कृत विश्वविद्यालय समिति, संस्कृत अकादमी, शास्त्री भर्ती और पदोन्नति नियमों की कमेटी का गठन किया गया तो उसमें भी परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह संस्कृत शिक्षकों के साथ अन्याय है। परिषद ने निदेशक से मांग की है कि इस बैठक और भविष्य में होने वाली बैठक में संस्कृत शिक्षक परिषद के प्रतिनिधियों को बुलाया जाए।
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उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षक परिषद पांच हजार से ज्यादा संस्कृत शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करती है। इन अध्यापकों का संस्कृत के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहता है। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे ही जब द्वितीय राजभाषा समिति, संस्कृत विश्वविद्यालय समिति, संस्कृत अकादमी, शास्त्री भर्ती और पदोन्नति नियमों की कमेटी का गठन किया गया तो उसमें भी परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह संस्कृत शिक्षकों के साथ अन्याय है। परिषद ने निदेशक से मांग की है कि इस बैठक और भविष्य में होने वाली बैठक में संस्कृत शिक्षक परिषद के प्रतिनिधियों को बुलाया जाए।
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