फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   पुनर्वास और मुआवजा नीति बनाओ नहीं तो विरोध

पुनर्वास और मुआवजा नीति बनाओ नहीं तो विरोध

Fri, 12 Oct 2018 11:24 PM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
सुजानपुर (हमीरपुर)। धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही विवाद शुरू हो गया है। परियोजना प्रभावित लोगों ने दो टूक कहा है कि जब तक सरकार इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाले लोगों से बैठकर उचित मुआवजे पर बातचीत नहीं करती, तब तक इस प्रोजेक्ट का कार्य शुरू होने नहीं दिया जाएगा। यह फैसला धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट परियोजना प्रभावित वेलफेयर सोसायटी की बैठक में लिया गया। बैठक का आयोजन सुजानपुर में स्थित सोसाइटी कार्यालय वार्ड नंबर 7 में किया गया।
विज्ञापन

सोसायटी के प्रधान दलजीत सिंह राणा की अध्यक्षता में बैठक की गई। जिसमें परियोजना प्रभावित 18 पंचायतों के लोगों ने भाग लिया और एक स्वर में सर्वसम्मति से कहा गया कि धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट का कार्य तब तक शुरू नहीं होने दिया जाएगा। जब तक इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाले परिवारों से सरकार बैठकर बातचीत नहीं करती। सोसायटी के प्रधान ने बताया कि धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट जहां पर लगना है, उससे हमीरपुर और कांगड़ा जिले की 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। ऐसे में सरकार उन परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए क्या करने वाली है, इस बारे में बताया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट का कार्य शुरू होने से पहले परियोजना प्रभावित सभी पंचायत प्रतिनिधियों से बैठकर बातचीत की जाए और उसके बाद इसका कार्य शुरू किया जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि जिस तरह से पौंग डैम विस्थापित आज अपने हक को पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, कहीं आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों का भी यही हाल न हो। ऐसे में सरकार को इसके बारे में सोचना चाहिए। अध्यक्ष ने बताया कि धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट परियोजना प्रभावित वेलफेयर सोसायटी सरकार की ओर से वर्ष 2013 से पंजीकृत की गई है। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर सोसायटी एक्ट 2006, 676/ 2013 पंजीकृत है। सोसायटी के प्रधान दिलजीत सिंह राणा ने बताया कि परियोजना प्रभावित लोगों ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पावर प्रोजेक्ट का कार्य लगने से पहले परियोजना प्रभावित परिवारों से बैठकर बातचीत की जाए। उचित मुआवजे पर लोगों को बताया जाए कि उन्हें पुनर्वास के तहत क्या मुआवजा मिलेगा। अगर सरकार मुआवजा और पुनर्वास की ठोस योजना नहीं बनाती है तो पावर प्रोजेक्ट का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed