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केवि भवन का निर्माण नहीं हुआ तो चुनावों का बहिष्कार करेंगे अभिभावक
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:31 PM IST
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नादौन (हमीरपुर)। केंद्रीय विद्यालय नादौन के भवन निर्माण के लिए चिन्हित भूमि के फोरलेन की जद में आने के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नेताओं को चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस स्कूल के लिए नादौन में ही नई भूमि शीघ्र अलाट करके प्रधानमंत्री के दिसंबर में तय कार्यक्रम के अनुसार इस भवन का शिलान्यास नहीं किया तो आने वाले संसदीय चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा। अभिभावकों में संजय कुमार, अशोक, सतीश, वेदप्रकाश, मनिंद्र विजय आदि का कहना है कि पिछले 22 सालों से यह स्कूल दो स्थानों पर नादौन में किराये के भवनों में चल रहा है। इन किराये के भवनों में स्कूल की तरह सुविधाएं नहीं है।
सरकारें पिछले 22 वर्षों से इस स्कूल को बनाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करवा पाईं और जब दो वर्ष पहले पशु अस्पताल के पास 27 कनाल भूमि अलाट की गई तो सरकार और जनप्रतिनिधियों के ढिलमुल रवैये के कारण इस भूमि का बहुत बड़ा भाग फोरलेन सर्वे में चला गया। अभिभावकों का कहना है कि अभी फोरलेन का सर्वे ही किया जा रहा है और प्रशासन को चाहिए कि इस फोरलेन के साथ लगती खाली पड़ी भूमि से निकाला जाए ताकि, केवि को अलॉट की गई भूमि पर भवन बनाया जा सके। अब जबकि केंद्रीय विद्यालय संगठन प्रदेश में संधोल, बंगाणा और नादौन के स्कूल भवनों का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिसंबर माह में करवा रही है तो नादौन का यह 22 वर्ष पुराना स्कूल एक बार फिर पिछड़ता नजर आने लगा है। अभिभावकों ने कहा कि प्रशासन अब इस स्कूल के लिए अन्य स्थानों पर भूमि की तलाश करने में लगा हुआ है। जबकि नादौन में ही सरकार की रेशम पालन विभाग की 23 और 73 कनाल भूमि ऐसी है जिससे कोई खास लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल रहा है। एनएच 88 किनारे बेकार पड़ी 23 कनाल भूमि तो इस स्कूल के भवन निर्माण के लिए अति उपयुक्त है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र नादौन में भूमि उपलब्ध न करवाकर अभिभावकों की भावनाओं से खिलवाड़ किया तो वह आने वाले संसदीय चुनावों में मतदान का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय नादौन का भवन यहीं बनाने का आग्रह किया है। इस संबंध में एसडीएम नादौन दिलेराम धीमान ने कहा कि बटरान, कलूर सहित अन्य जगह को चयनित किया जा रहा है। जहां भी सुविधा अनुसार भूमि पाई जाएगी, वह भूमि केंद्रीय विद्यालय के नाम कर दी जाएगी।
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सरकारें पिछले 22 वर्षों से इस स्कूल को बनाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करवा पाईं और जब दो वर्ष पहले पशु अस्पताल के पास 27 कनाल भूमि अलाट की गई तो सरकार और जनप्रतिनिधियों के ढिलमुल रवैये के कारण इस भूमि का बहुत बड़ा भाग फोरलेन सर्वे में चला गया। अभिभावकों का कहना है कि अभी फोरलेन का सर्वे ही किया जा रहा है और प्रशासन को चाहिए कि इस फोरलेन के साथ लगती खाली पड़ी भूमि से निकाला जाए ताकि, केवि को अलॉट की गई भूमि पर भवन बनाया जा सके। अब जबकि केंद्रीय विद्यालय संगठन प्रदेश में संधोल, बंगाणा और नादौन के स्कूल भवनों का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिसंबर माह में करवा रही है तो नादौन का यह 22 वर्ष पुराना स्कूल एक बार फिर पिछड़ता नजर आने लगा है। अभिभावकों ने कहा कि प्रशासन अब इस स्कूल के लिए अन्य स्थानों पर भूमि की तलाश करने में लगा हुआ है। जबकि नादौन में ही सरकार की रेशम पालन विभाग की 23 और 73 कनाल भूमि ऐसी है जिससे कोई खास लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल रहा है। एनएच 88 किनारे बेकार पड़ी 23 कनाल भूमि तो इस स्कूल के भवन निर्माण के लिए अति उपयुक्त है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र नादौन में भूमि उपलब्ध न करवाकर अभिभावकों की भावनाओं से खिलवाड़ किया तो वह आने वाले संसदीय चुनावों में मतदान का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय नादौन का भवन यहीं बनाने का आग्रह किया है। इस संबंध में एसडीएम नादौन दिलेराम धीमान ने कहा कि बटरान, कलूर सहित अन्य जगह को चयनित किया जा रहा है। जहां भी सुविधा अनुसार भूमि पाई जाएगी, वह भूमि केंद्रीय विद्यालय के नाम कर दी जाएगी।
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