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क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम को सफल बनाने के दिए टिप्स
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:06 AM IST
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हमीरपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. सावित्री कटवाल की अध्यक्षता में वीरवार को हमीरपुर में बैठकों का आयोजन किया गया। जिनका संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता ने किया। डॉ. सावित्री कटवाल ने विभाग के सभी कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय पर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुरुष नसबंदी को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए आईईसी गतिविधियों को बढ़ाने की बात कही।
क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम को घर-घर भ्रमण कर सफल बनाने के टिप्स दिए गए। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता ने विस्तार से सभी कार्यक्रमों पर चर्चा की तथा वर्तमान अभियानों की भी समीक्षा की। उन्होंने जनमंच, आयुष्मान भारत, डेंगू, स्वच्छता सहित कई विषयों पर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए कैसे कार्य किया जाए, इस पर जानकारी दी गई। जिला जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला ने राष्ट्रीय संशोधित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 16 से 30 अगस्त तक चलाए जा रहे एसीएफ कार्यक्रम (एक्टिव केस फाइंडिंग) के संदर्भ में पूरी रूपरेखा रखी। डॉ संजय जगोता ने बताया कि जिले की 4 लाख 70 हजार जनसंख्या में से कुल 55 हजार आबादी क्षय रोग के लिए संवेदनशील है। इस बैठक में राज्य स्तर से विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंसलटेंट डॉ. रविंद्र, जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित कालिया, डॉ. आरके अग्निहोत्री, डॉ. अशोक कौशल, डॉ. संजय अवस्थी, डॉ. हेत राम कालिया, डॉ. गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद कौंडल, डॉ. अजय अत्री, डॉ. आशीष, जिला जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला, खंडों के स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश, सुनील, राम प्रसाद, मोहिंद्र पर्यवेक्षक जोगिंद्र, ब्रह्मदास, एनएचएम अकाउंटेंट शीतल, मुकेश, मनु, मंजीत आदि उपस्थित रहे। जिला जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय संशोधित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 16 से 30 अगस्त तक चलाए जा रहे एसीएफ कार्यक्रम (एक्टिव केस फाइंडिंग) कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम को घर-घर भ्रमण कर सफल बनाने के टिप्स दिए गए। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता ने विस्तार से सभी कार्यक्रमों पर चर्चा की तथा वर्तमान अभियानों की भी समीक्षा की। उन्होंने जनमंच, आयुष्मान भारत, डेंगू, स्वच्छता सहित कई विषयों पर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए कैसे कार्य किया जाए, इस पर जानकारी दी गई। जिला जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला ने राष्ट्रीय संशोधित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 16 से 30 अगस्त तक चलाए जा रहे एसीएफ कार्यक्रम (एक्टिव केस फाइंडिंग) के संदर्भ में पूरी रूपरेखा रखी। डॉ संजय जगोता ने बताया कि जिले की 4 लाख 70 हजार जनसंख्या में से कुल 55 हजार आबादी क्षय रोग के लिए संवेदनशील है। इस बैठक में राज्य स्तर से विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंसलटेंट डॉ. रविंद्र, जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित कालिया, डॉ. आरके अग्निहोत्री, डॉ. अशोक कौशल, डॉ. संजय अवस्थी, डॉ. हेत राम कालिया, डॉ. गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद कौंडल, डॉ. अजय अत्री, डॉ. आशीष, जिला जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला, खंडों के स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश, सुनील, राम प्रसाद, मोहिंद्र पर्यवेक्षक जोगिंद्र, ब्रह्मदास, एनएचएम अकाउंटेंट शीतल, मुकेश, मनु, मंजीत आदि उपस्थित रहे। जिला जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय संशोधित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 16 से 30 अगस्त तक चलाए जा रहे एसीएफ कार्यक्रम (एक्टिव केस फाइंडिंग) कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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