{"_id":"67b62c97bc414eb71302c4aa","slug":"16-jbt-teachers-posts-vacant-in-primary-schools-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-148623-2025-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: प्राथमिक पाठशालाओं में 16 \nजेबीटी अध्यापकों के पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: प्राथमिक पाठशालाओं में 16 जेबीटी अध्यापकों के पद खाली
Thu, 20 Feb 2025 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 20 Feb 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के तहत प्राथमिक पाठशालाओं में जेबीटी अध्यापकों की कमी है। अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
आगामी माह में परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। अध्यापकों की कमी बच्चों के परीक्षा परिणाम को भी प्रभावित कर सकती है। बीईईओ भोरंज के तहत कुल 94 स्कूल हैं और जिनमें 16 जेबीटी के पद खाली चल रहे हैं। हालात यह हैं कि कई स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है, वहां पर मात्र एक अध्यापक हैं। वे कक्षाओं को पढ़ा भी रहा है और मिड-डे मील का काम भी संभाले हुए हैं।
वहीं, ताल, मनोह, नगरोटा में सीएचटी का पद खाली चल रहा है। अभिभावकों में रमन, विजय, अमित, सुनीता आदि ने कहा कि कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी चल रही है। यही कारण है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो रही है। सरकार को खाली पदों को तुरंत भरना चाहिए।
विज्ञापन
इस बारे में बीईईओ भोरंज सुदेश कुमारी ने कहा कि रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं। जिन स्कूलों में अध्यापक नहीं हैं, वहां पर अन्य स्कूलों के अध्यापकों से सेवाएं ली जा रही हैं।
विज्ञापन
भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के तहत प्राथमिक पाठशालाओं में जेबीटी अध्यापकों की कमी है। अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
आगामी माह में परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। अध्यापकों की कमी बच्चों के परीक्षा परिणाम को भी प्रभावित कर सकती है। बीईईओ भोरंज के तहत कुल 94 स्कूल हैं और जिनमें 16 जेबीटी के पद खाली चल रहे हैं। हालात यह हैं कि कई स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है, वहां पर मात्र एक अध्यापक हैं। वे कक्षाओं को पढ़ा भी रहा है और मिड-डे मील का काम भी संभाले हुए हैं।
विज्ञापन
वहीं, ताल, मनोह, नगरोटा में सीएचटी का पद खाली चल रहा है। अभिभावकों में रमन, विजय, अमित, सुनीता आदि ने कहा कि कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी चल रही है। यही कारण है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो रही है। सरकार को खाली पदों को तुरंत भरना चाहिए।
विज्ञापन
इस बारे में बीईईओ भोरंज सुदेश कुमारी ने कहा कि रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं। जिन स्कूलों में अध्यापक नहीं हैं, वहां पर अन्य स्कूलों के अध्यापकों से सेवाएं ली जा रही हैं।