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दिव्यांगों को बीपीएल/आईआरडीपी में जोडने की उठी मांग
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हमीरपुर। बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी के लगभग 80 दिव्यांगों के समूह ने समस्याओं को लेकर शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों की बातों को सहज तरीके से सुना और समस्याओं का हर संभव समाधान करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर कई दिव्यांगों की निजी समस्याओं का उसी समय समाधान किया गया। इस दौरान उन्होंने मांग उठाई कि दिव्यांगजनों को बीपीएल और आईआरडीपी में जोड़ा जाए।
इसके अलावा उनकी मांगों में एचआरटीसी बसों में यूडीआईडी कार्ड का इस्तेमाल करना, प्रथम श्रेणी से चतुर्थ श्रेणी तक के सभी प्रकार के पदों को प्राथमिकता के आधार पर टीजीटी, आर्ट्स, विज्ञान, जेबीटी, संगीत, सहायक प्रोफेसर आदि के रिक्त पदों को भरना, पीडब्ल्यूडी एक्ट को सुचारु रूप से चलाना आदि शामिल रहीं। इस मौके पर नेचुरल डिसेबल एसोसिएशन हमीरपुर के प्रधान रजेंद्र सिंह सिपहिया, रवि कांत, संतोष, अनिल, प्रदीप पटियाल, अमित कश्यप, अशोक शर्मा, जगदीश, रचना, हेम लता, मिलान ठाकुर आदि मौजूद रहे। इस दौरान सभी दिव्यांगजनों ने मिलजुल कर सभी दिव्यांगों की समस्याओं का समाधान इकट्ठे होकर करने का निर्णय लिया और सभी बेरोजगार दिव्यांगों को 5 हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने का निर्णय लिया गया।
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इसके अलावा उनकी मांगों में एचआरटीसी बसों में यूडीआईडी कार्ड का इस्तेमाल करना, प्रथम श्रेणी से चतुर्थ श्रेणी तक के सभी प्रकार के पदों को प्राथमिकता के आधार पर टीजीटी, आर्ट्स, विज्ञान, जेबीटी, संगीत, सहायक प्रोफेसर आदि के रिक्त पदों को भरना, पीडब्ल्यूडी एक्ट को सुचारु रूप से चलाना आदि शामिल रहीं। इस मौके पर नेचुरल डिसेबल एसोसिएशन हमीरपुर के प्रधान रजेंद्र सिंह सिपहिया, रवि कांत, संतोष, अनिल, प्रदीप पटियाल, अमित कश्यप, अशोक शर्मा, जगदीश, रचना, हेम लता, मिलान ठाकुर आदि मौजूद रहे। इस दौरान सभी दिव्यांगजनों ने मिलजुल कर सभी दिव्यांगों की समस्याओं का समाधान इकट्ठे होकर करने का निर्णय लिया और सभी बेरोजगार दिव्यांगों को 5 हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने का निर्णय लिया गया।
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