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खाली पदों पर बेरोजगार कला अध्यापकों की हो तैनाती : संघ
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बिझड़ी (हमीरपुर)। पंद्रह वर्षों से नौकरी की राह देख रहे बेरोजगार कला अध्यापकों को अब प्रदेश की जयराम सरकार से खाली पदों पर भर्ती की आस है। बेरोजगार कला अध्यापक संघ हिमाचल प्रदेश ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उन्हें नौकरी देने की गुहार लगाई है। संघ ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों मे 1500 से अधिक कला अध्यापकों के पद खाली पड़े हुए हैं।
जबकि कला अध्यापक प्रशिक्षुओं की ओर से प्रशिक्षण ग्रहण किए 15 वर्ष बीत चुके हैं और पिछले डेढ़ दशक से बेरोजगारी की मार झेल रहे है। लेकिन, अभी तक सरकार की ओर से इन खाली पदों को भरने के लिए उन्हें तैनाती नहीं दी जा सकी है। इन लोगों ने रोष जाहिर करते हुए कहा है कि जब भी संघ कला अध्यापकों के पदों को भरने की बात सरकार से करता है तब सरकार आरटीई एक्ट 2009 का हवाला देकर उनकी बात को अनसुना कर देती है। संघ के प्रधान जीवन कुमार ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 में लागू किया गया, जबकि उन्होंने कला अध्यापकों का प्रशिक्षण 2009 से पहले ग्रहण किया है। जब उन्होंने प्रशिक्षण ग्रहण किया उस दौरान इस प्रकार का कोई एक्ट नहीं बना था। उन्होंने मांग की है कि पिछले 15 वर्षों से बेरोजगारी की मार झेल रहे ऐसे अभ्यर्थियों की खाली पदों पर तैनाती की जाए।
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जबकि कला अध्यापक प्रशिक्षुओं की ओर से प्रशिक्षण ग्रहण किए 15 वर्ष बीत चुके हैं और पिछले डेढ़ दशक से बेरोजगारी की मार झेल रहे है। लेकिन, अभी तक सरकार की ओर से इन खाली पदों को भरने के लिए उन्हें तैनाती नहीं दी जा सकी है। इन लोगों ने रोष जाहिर करते हुए कहा है कि जब भी संघ कला अध्यापकों के पदों को भरने की बात सरकार से करता है तब सरकार आरटीई एक्ट 2009 का हवाला देकर उनकी बात को अनसुना कर देती है। संघ के प्रधान जीवन कुमार ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 में लागू किया गया, जबकि उन्होंने कला अध्यापकों का प्रशिक्षण 2009 से पहले ग्रहण किया है। जब उन्होंने प्रशिक्षण ग्रहण किया उस दौरान इस प्रकार का कोई एक्ट नहीं बना था। उन्होंने मांग की है कि पिछले 15 वर्षों से बेरोजगारी की मार झेल रहे ऐसे अभ्यर्थियों की खाली पदों पर तैनाती की जाए।
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