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नाल्टी के डा. राकेश डा. एमएस आहलूवालिया पुरस्कार से सम्मानित
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नादौन (हमीरपुर)। ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी में आयोजित ठाकुर राम सिंह के राज्यस्तरीय जयंती समारोह में सांसद अनुराग ठाकुर ने डॉ. राकेश कुमार शर्मा को राज्यस्तरीय डॉ. एमएस आहलुवालिया पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया है। इस मौके पर उन्हें टोपी, शॉल, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और 11000 रुपये नकद राशि दी गई। यह पुरस्कार महान इतिहासकार डॉ. एमएस आहलुवालिया की स्मृति में सोसाइटी और ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी की ओर से दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार जनरल जोरावर सिंह के जीवन पर किए गए शोध कार्य पर दिया गया।
डॉ. राकेश को गत वर्ष जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में जनरल जोरावर सिंह व्यक्तित्व एवं कृतित्व-एक मूल्यांकन विषय पर पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई थी। डॉ. राकेश कुमार शर्मा जनरल जोरावर सिंह महाविद्यालय धनेटा में सहायक आचार्य इतिहास के पद पर कार्यरत हैं। वह ग्राम पंचायत नाल्टी के गांव कपाड़ा के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कड़धोह, नाल्टी और जमा दो की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ से हुई है। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर से स्नातक और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एमए इतिहास की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। उन्होंने एचपीयू से एमफिल की उपाधि प्राप्त की। कई किताबों का लेखन कार्य किया है। उन्होंने स्नातक के विद्यार्थियों के लिए तीन मानचित्र पुस्तकें और नवमी तथा जमा दो के लिए मानचित्र की पुस्तकों का लेखन किया। वे एमए इतिहास की नौ पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं।
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डॉ. राकेश को गत वर्ष जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में जनरल जोरावर सिंह व्यक्तित्व एवं कृतित्व-एक मूल्यांकन विषय पर पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई थी। डॉ. राकेश कुमार शर्मा जनरल जोरावर सिंह महाविद्यालय धनेटा में सहायक आचार्य इतिहास के पद पर कार्यरत हैं। वह ग्राम पंचायत नाल्टी के गांव कपाड़ा के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कड़धोह, नाल्टी और जमा दो की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ से हुई है। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर से स्नातक और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एमए इतिहास की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। उन्होंने एचपीयू से एमफिल की उपाधि प्राप्त की। कई किताबों का लेखन कार्य किया है। उन्होंने स्नातक के विद्यार्थियों के लिए तीन मानचित्र पुस्तकें और नवमी तथा जमा दो के लिए मानचित्र की पुस्तकों का लेखन किया। वे एमए इतिहास की नौ पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं।
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