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हिमी देवी बनी समन्वय समिति की संयोजक
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:25 PM IST
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हमीरपुर। सीटू के बैनर तले हिमाचल प्रदेश में कार्यरत विभिन्न यूनियनों की कामकाजी महिलाओं का राज्य स्तरीय अधिवेशन ज्योति बसु भवन हमीरपुर में रविवार को हुआ। सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब 200 कामकाजी महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन का शुभारंभ सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर ने किया। सम्मेलन में 31 सदस्यीय समन्वय समिति की राज्य कमेटी चुनी गई। जिसमें हिमी देवी को राज्य संयोजक और सरोज शर्मा को सह संयोजक चुना गया। वहीं रेखा, रीता, हेमलता, नीलम, अंजू, रेणु, कांता महंत, शकुंतला, करुणा, खेमाबती, विमला, सुमित्रा, सुदर्शना, रजनी, लज्या, प्रोमिला, मंजू, पूजा, मीना, वीना, सरोज, कमला और सीमा को राज्य कमेटी का सदस्य चुना गया।
इस मौके पर डॉ. कश्मीर ठाकुर ने कहा कि कामकाजी महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से शोषण होता है। इन्हें अपने काम का कम वेतन दिया जाता है और इनकी सामाजिक सुरक्षा न के बराबर है। इनसे कार्यस्थलों पर छेड़छाड़ आम बात है। बहुत सारी जगह इनका शारीरिक शोषण भी किया जाता है। राज्य संयोजक हिमी देवी ने कहा कि समाज में कामकाजी महिलाओं से हो रहे आर्थिक और सामाजिक भेदभाव को रोकने एवं इनके जीवन को सम्मानजनक बनाने के लिए ही हिमाचल प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। इस समन्वय समिति के जरिये कामकाजी महिलाओं के रोजगार की सुरक्षा करने, समान काम के लिए समान वेतन देने और समाज में हो रहे भेदभाव और शोषण व उत्पीड़न आदि मुद्दों पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
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इस मौके पर डॉ. कश्मीर ठाकुर ने कहा कि कामकाजी महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से शोषण होता है। इन्हें अपने काम का कम वेतन दिया जाता है और इनकी सामाजिक सुरक्षा न के बराबर है। इनसे कार्यस्थलों पर छेड़छाड़ आम बात है। बहुत सारी जगह इनका शारीरिक शोषण भी किया जाता है। राज्य संयोजक हिमी देवी ने कहा कि समाज में कामकाजी महिलाओं से हो रहे आर्थिक और सामाजिक भेदभाव को रोकने एवं इनके जीवन को सम्मानजनक बनाने के लिए ही हिमाचल प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। इस समन्वय समिति के जरिये कामकाजी महिलाओं के रोजगार की सुरक्षा करने, समान काम के लिए समान वेतन देने और समाज में हो रहे भेदभाव और शोषण व उत्पीड़न आदि मुद्दों पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
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