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एक बार फिर ठप हुई सूबे की पहली कंप्यूटराइज्ड पेयजल स्कीम
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:55 PM IST
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भोरंज(हमीरपुर)। प्रदेश की पहली कंप्यूटरीकृत पेयजल स्कीम एक बार फिर हांफ गई है। मेवा लगवालती पेयजल योजना से बीते दस दिनों से पेयजल की सुचारु सप्लाई न होने से उपमंडल भोरंज की 33 पंचायतों के लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। उपमंडल के 12 हजार नलों में पेयजल की नाममात्र सप्लाई हो रही है। वहीं कई पंचायतों जाहू, धमरोल, लुद्दर महादेव में तो पानी की सप्लाई ही नहीं हुई।
मेवा लगवालती पेयजल योजना के तहत ऐसे गांवों को जोड़ा गया है जहां प्राकृतिक पेयजल स्रोत नहीं है। इन गांवों में लोगों को टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ती थी। मेवा लगवालती पेयजल योजना से इन गांवों को पेयजल सप्लाई की जाती है। योजना को बने हुए सात साल का समय हो गया है, लेकिन कम वोल्टेज की समस्या के कारण योजना से पेयजल की सुचारु सप्लाई नहीं हो पाती है। लो वोल्टेज के कारण योजना के छह सेटों मे से मात्र दो सेट ही एक समय में चल पाते हैं। जिस कारण पेयजल की उचित आपूर्ति नहीं हो पाती है। लो वोल्टेज की समस्या के कारण उचित पानी लिफ्ट नहीं हो पाता है। उपमंडल भोरंज के लोगों ने इस योजना के बार बार हांफ जाने के लिए विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया है। लोगों ने योजना की वोल्टेज समस्या को ठीक कर पानी की उचित सप्लाई करने की मंाग की है। लोगों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के चलते इस पेयजल योजना से भोरंज के अलावा अन्य क्षेत्रों को भी पानी उपलब्ध करवाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उपमंडल के लोगों के विरोध के कारण यह कोशिश नाकाम हो गई। इस योजना का निर्माण भोरंज उपमंडल के तहत हुआ है, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण इस योजना को ऊहल सब डिविजन के अंडर कर दिया गया जिसके प्रति लोगों ने रोष व्यक्त किया है।
आईपीएच सब डिविजन भोरंज के एसडीओ अजय वर्मा का कहना है कि योजना से पानी की सप्लाई कम हो रही है। जिसके चलते पेयजल समस्या बनी हुई है। क्षेत्रवासियों से पेयजल को व्यर्थ न बहाने की अपील की गई है।
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मेवा लगवालती पेयजल योजना के तहत ऐसे गांवों को जोड़ा गया है जहां प्राकृतिक पेयजल स्रोत नहीं है। इन गांवों में लोगों को टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ती थी। मेवा लगवालती पेयजल योजना से इन गांवों को पेयजल सप्लाई की जाती है। योजना को बने हुए सात साल का समय हो गया है, लेकिन कम वोल्टेज की समस्या के कारण योजना से पेयजल की सुचारु सप्लाई नहीं हो पाती है। लो वोल्टेज के कारण योजना के छह सेटों मे से मात्र दो सेट ही एक समय में चल पाते हैं। जिस कारण पेयजल की उचित आपूर्ति नहीं हो पाती है। लो वोल्टेज की समस्या के कारण उचित पानी लिफ्ट नहीं हो पाता है। उपमंडल भोरंज के लोगों ने इस योजना के बार बार हांफ जाने के लिए विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया है। लोगों ने योजना की वोल्टेज समस्या को ठीक कर पानी की उचित सप्लाई करने की मंाग की है। लोगों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के चलते इस पेयजल योजना से भोरंज के अलावा अन्य क्षेत्रों को भी पानी उपलब्ध करवाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उपमंडल के लोगों के विरोध के कारण यह कोशिश नाकाम हो गई। इस योजना का निर्माण भोरंज उपमंडल के तहत हुआ है, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण इस योजना को ऊहल सब डिविजन के अंडर कर दिया गया जिसके प्रति लोगों ने रोष व्यक्त किया है।
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आईपीएच सब डिविजन भोरंज के एसडीओ अजय वर्मा का कहना है कि योजना से पानी की सप्लाई कम हो रही है। जिसके चलते पेयजल समस्या बनी हुई है। क्षेत्रवासियों से पेयजल को व्यर्थ न बहाने की अपील की गई है।
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