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आईपीएच स्कीम में फिर फंसा बजट का रोड़ा
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:07 PM IST
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हमीरपुर। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की लिफ्ट वाटर सप्लाई स्कीम(एलडब्ल्यूएसएस) में बजट की कमी ने रोड़ा अटका दिया है। विभाग को इस स्कीम को शुरू करने के लिए अभी तक 21 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार से अभी तक महज 7 करोड़ मिले हैं। बजट की कमी के कारण इस प्रोजेक्ट का कार्य अधूरा है।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री रहते हुए 64.85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हमीरपुर कस्बा के लिए पेयजल योजना स्वीकृत करवाई थी। इस प्रोजेक्ट पर 100 फीसदी खर्च केंद्र सरकार को करना था। शुरूआती दौर में मिले 40 करोड़ रुपये से आईपीएच विभाग ने जंगलबैरी स्थित ब्यास नदी में परकुलेशन वेल और हमीरपुर कस्बा में एक दर्जन पेयजल टैंकों का निर्माण करवाया। इसके बाद बजट न मिलने के कारण कार्य लटक गया। प्रदेश सरकार ने 4 करोड़ रुपये दिए। कुछ हद तक कार्य करवाया लेकिन देरी के चलते इसकी लागत भी बढ़ गई। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 21 करोड़ रुपये अतिरिक्त चाहिए। वर्तमान भाजपा सरकार से सात करोड़ रुपये ही मिले हैं। ब्यास नदी से उठाऊ पेयजल योजना के माध्यम से हमीरपुर के लोगों की प्यास बुझाने की योजना है। इस योजना के शुरू होने के बाद लोगों को 24 घंटे स्वच्छ पेयजल मिलेगा, लेकिन अभी इसके लए लंबा इंतजार करना होगा। उधर, आईपीएच विभाग हमीरपुर के चीफ इंजीनियर आरके महाजन का कहना है कि प्रदेश सरकार से मिले 7 करोड़ रुपये से कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाने के प्रयास किए जाएंगे ताकि लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति मिल सके।
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री रहते हुए 64.85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हमीरपुर कस्बा के लिए पेयजल योजना स्वीकृत करवाई थी। इस प्रोजेक्ट पर 100 फीसदी खर्च केंद्र सरकार को करना था। शुरूआती दौर में मिले 40 करोड़ रुपये से आईपीएच विभाग ने जंगलबैरी स्थित ब्यास नदी में परकुलेशन वेल और हमीरपुर कस्बा में एक दर्जन पेयजल टैंकों का निर्माण करवाया। इसके बाद बजट न मिलने के कारण कार्य लटक गया। प्रदेश सरकार ने 4 करोड़ रुपये दिए। कुछ हद तक कार्य करवाया लेकिन देरी के चलते इसकी लागत भी बढ़ गई। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 21 करोड़ रुपये अतिरिक्त चाहिए। वर्तमान भाजपा सरकार से सात करोड़ रुपये ही मिले हैं। ब्यास नदी से उठाऊ पेयजल योजना के माध्यम से हमीरपुर के लोगों की प्यास बुझाने की योजना है। इस योजना के शुरू होने के बाद लोगों को 24 घंटे स्वच्छ पेयजल मिलेगा, लेकिन अभी इसके लए लंबा इंतजार करना होगा। उधर, आईपीएच विभाग हमीरपुर के चीफ इंजीनियर आरके महाजन का कहना है कि प्रदेश सरकार से मिले 7 करोड़ रुपये से कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाने के प्रयास किए जाएंगे ताकि लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति मिल सके।
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