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भारी भलेड़ा आईपीएच स्कीम की दोबारा जांच शुरू
Updated Thu, 03 May 2018 11:21 PM IST
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हमीरपुर। भारी भलेड़ा आईपीएच स्कीम की जांच दोबारा शुरू हो गई है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की टीम ने वीरवार को आईपीएच की लंबलू स्थित दो पेयजल योजनाओं पर पहुंच कर मामले की छानबीन कर तथ्य जुटाए। इस मामले में आईपीएच विभाग की एक जेई पर सरकारी पद पर रहते हुए 79,662 रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। वर्तमान में यह जेई हमीरपुर से ट्रांसफर हो चुकी हैं।
इस मामले में लंबलू पंचायत के प्रधान ओम प्रकाश ने करीब तीन वर्ष पहले विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद विजिलेंस ने मामले की तफ्तीश की। इस मामले की ग्राउंड रिपोर्ट के लिए फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया। जिसमें एक्सईएन आईपीएच एसके जसवाल, एसडीओ प्रदीप कुमार और जेई अनुज कुमार ने मामले की छानबीन की। लंबी छानबीन के बाद कमेटी ने पाया कि भारी भलेड़ा पेयजल योजना में वायरिंग के लिए विभाग ने ठेकेदार को 1.03 लाख रुपये और चमनेड़ पेयजल टैंक की चौकीदार कक्ष में वायरिंग के लिए 21 हजार 270 रुपये का टेंडर अवार्ड किया। इस कार्य में क्रमश: 60,057 और 19662 रुपये की वित्तीय गड़बड़ी पाई गई। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने भादंसं की धारा 420, 409, 120 बी और पीसी एक्ट 13 के तहत केस दर्ज किया। अभी तक इस मामले में कोर्ट में चालान पेश नहीं हो पाया और न ही विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई अमल में लाई गई। वीरवार को अब इस मामले की दोबारा जांच शुरू हो गई है। उधर, डीएसपी विजिलेंस बीडी भाटिया ने बताया कि वीरवार को विजिलेंस टीम आईपीएच विभाग की लंबलू स्थित दो पेयजल योजनाओं पर पहले से दर्ज मामले की छानबीन को लेकर गई थी। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है।
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इस मामले में लंबलू पंचायत के प्रधान ओम प्रकाश ने करीब तीन वर्ष पहले विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद विजिलेंस ने मामले की तफ्तीश की। इस मामले की ग्राउंड रिपोर्ट के लिए फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया। जिसमें एक्सईएन आईपीएच एसके जसवाल, एसडीओ प्रदीप कुमार और जेई अनुज कुमार ने मामले की छानबीन की। लंबी छानबीन के बाद कमेटी ने पाया कि भारी भलेड़ा पेयजल योजना में वायरिंग के लिए विभाग ने ठेकेदार को 1.03 लाख रुपये और चमनेड़ पेयजल टैंक की चौकीदार कक्ष में वायरिंग के लिए 21 हजार 270 रुपये का टेंडर अवार्ड किया। इस कार्य में क्रमश: 60,057 और 19662 रुपये की वित्तीय गड़बड़ी पाई गई। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने भादंसं की धारा 420, 409, 120 बी और पीसी एक्ट 13 के तहत केस दर्ज किया। अभी तक इस मामले में कोर्ट में चालान पेश नहीं हो पाया और न ही विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई अमल में लाई गई। वीरवार को अब इस मामले की दोबारा जांच शुरू हो गई है। उधर, डीएसपी विजिलेंस बीडी भाटिया ने बताया कि वीरवार को विजिलेंस टीम आईपीएच विभाग की लंबलू स्थित दो पेयजल योजनाओं पर पहले से दर्ज मामले की छानबीन को लेकर गई थी। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है।
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