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बड़सर में बिना स्टाफ के खोल दिए तीन आयुर्वेद अस्पताल
Updated Wed, 28 Feb 2018 11:22 PM IST
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बड़सर(हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के अंतर्गत तीन नए आयुर्वेद अस्पताल खोले गए हैं। पांच माह से इन अस्पताल में चिकित्सक और फार्मासिस्ट के पद सृजित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में पूर्व सरकार की घोषणाओं की पोल खुलकर रह गई है। क्षेत्र के दलचेहड़ा, चंबेह और टिक्कर राजपूतां में तीन नए आयुर्वेद अस्पताल खोले गए हैं। इन अस्पतालों में दूसरे अस्पताल से फार्मासिस्ट भेजकर काम चलाया जा रहा है। जिससे इन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। पूर्व सरकार ने 9 अक्तूबर 2017 को दलचेहड़ा, चंबेह और टिक्कर राजपूतां में आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने की नोटिफिकेशन जारी की। इन अस्पतालों में चिकित्सकों और फार्मासिस्ट आदि के नए पद सृजित नहीं किए गए।
12 अक्तूबर 2017 को सीपीएस इंद्रदत्त लखनपाल ने इन नए अस्पतालों के उद्घाटन भी कर दिए। इस दौरान नजदीक के अस्पतालों के फार्मासिस्ट को डेपुटेशन पर लगा दिया गया है। इसके बाद से अस्पतालों में न डॉक्टर और न ही फार्मासिस्ट लगाया गया। इस तरह अस्पतालों के खोलने की मात्र औपचारिकता निभाई गई। नियमित चिकित्सक या स्टाफ नहीं होने से इन अस्पतालों के तहत आने बाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं दूसरे अस्पतालों में फार्मासिस्ट नहीं होने सेे लोगों को परेशानी झेलना पड़ रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बिना स्टाफ अस्पताल खोलने से मात्र जनता को गुमराह किया गया है। क्षेत्र के लोगों ने अस्पताल में नए स्टाफ की तैनाती कर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग की है। उपमंडलीय आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. गोविंद राम का कहना है कि इन अस्पतालों में चिकित्सकों और फार्मासिस्ट के पद सृजित नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में साथ लगते अस्पतालों से फार्मासिस्ट को लगाया गया है। गोविंद ने कहा कि अस्पतालों में रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
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12 अक्तूबर 2017 को सीपीएस इंद्रदत्त लखनपाल ने इन नए अस्पतालों के उद्घाटन भी कर दिए। इस दौरान नजदीक के अस्पतालों के फार्मासिस्ट को डेपुटेशन पर लगा दिया गया है। इसके बाद से अस्पतालों में न डॉक्टर और न ही फार्मासिस्ट लगाया गया। इस तरह अस्पतालों के खोलने की मात्र औपचारिकता निभाई गई। नियमित चिकित्सक या स्टाफ नहीं होने से इन अस्पतालों के तहत आने बाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं दूसरे अस्पतालों में फार्मासिस्ट नहीं होने सेे लोगों को परेशानी झेलना पड़ रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बिना स्टाफ अस्पताल खोलने से मात्र जनता को गुमराह किया गया है। क्षेत्र के लोगों ने अस्पताल में नए स्टाफ की तैनाती कर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग की है। उपमंडलीय आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. गोविंद राम का कहना है कि इन अस्पतालों में चिकित्सकों और फार्मासिस्ट के पद सृजित नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में साथ लगते अस्पतालों से फार्मासिस्ट को लगाया गया है। गोविंद ने कहा कि अस्पतालों में रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
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