{"_id":"5c65a45cbdec22129c2da8c9","slug":"11550165084-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बायोमिट्रिक मशीनों से राशन लेना बना आफत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बायोमिट्रिक मशीनों से राशन लेना बना आफत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। राशन डिपुओं से बायोमेट्रिक मशीनों के तहत उपभोक्ताओं को राशन लेना आफत बना हुआ है। अधिकतर डिपुओं में बायोमेट्रिक मशीनें उपभोक्ताओं के फिंगर प्रिंट्स नहीं उठा रही हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को बिना राशन के ही डिपुओं से लौटना पड़ रहा है। किसी एक सदस्य के फिंगर प्रिंट न उठाने के कारण परिवार के किसी और सदस्य को राशन लेने दोबारा डिपुओं में दौड़ना पड़ रहा है। कई बार तो पूरे परिवार के ही फिंगर प्रिंट्स मशीनों में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को राशन लेने के लिए डिपुओं के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे लोगों को शारीरिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, डिपुओं में ईपीडीएस एप का भी इस्तेमाल बहुत कम हो रहा है।
सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक मशीनें डिपुओं में उपलब्ध करवाई हैं लेकिन, इन मशीनों में फिंगर प्रिंट्स न आने के कारण अब यही लोगों के लिए आफत बन गई हैं। लोगों में राजकुमार, राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार आदि का कहना है कि दिन की दिहाड़ी तोड़कर वह बुधवार को डिपो में राशन लेने गए लेकिन, मशीन में उनके फिंगर प्रिंट न आने के कारण उन्हें बिना राशन के ही मायूस लौटना पड़ा। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं, मशीनों से राशन देने के लिए समय भी अधिक लग रहा है। इस संबंध में डीएफएससी शिव राम राही का कहना है कि मशीनें डिपुओं में नई उपलब्ध करवाई गई हैं। मशीनें ठीक हैं लेकिन, किस कारण परेशानी आ रही है, इसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक मशीनें डिपुओं में उपलब्ध करवाई हैं लेकिन, इन मशीनों में फिंगर प्रिंट्स न आने के कारण अब यही लोगों के लिए आफत बन गई हैं। लोगों में राजकुमार, राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार आदि का कहना है कि दिन की दिहाड़ी तोड़कर वह बुधवार को डिपो में राशन लेने गए लेकिन, मशीन में उनके फिंगर प्रिंट न आने के कारण उन्हें बिना राशन के ही मायूस लौटना पड़ा। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं, मशीनों से राशन देने के लिए समय भी अधिक लग रहा है। इस संबंध में डीएफएससी शिव राम राही का कहना है कि मशीनें डिपुओं में नई उपलब्ध करवाई गई हैं। मशीनें ठीक हैं लेकिन, किस कारण परेशानी आ रही है, इसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन