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चकमोह पंचायत के खिलाफ कोर्ट में पेश होगा चालान
Updated Thu, 27 Sep 2018 11:08 PM IST
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हमीरपुर। उपमंडल बड़सर की ग्राम पंचायत चकमोह के खिलाफ पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश करने की तैयारी कर ली है। वन भूमि में प्रतिबंध के बावजूद जबरदस्ती दुकानें लगाने के मामले में पंचायत के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज है। वन रेंज अधिकारी की शिकायत पर पंचायत के खिलाफ दर्ज इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और अब शीघ्र ही चालान कोर्ट में पेश करने की तैयारी है।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध का अधिकतर क्षेत्र ग्राम पंचायत चकमोह के अधीन आता है। हर साल मार्च माह के दौरान मंदिर में चैत्र माह के मेलों का आयोजन होता है। इस दौरान देश और विदेश से श्रद्धालु बाबा के दरबार में शीश नवाने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की लाखों की संख्या में पहुंचने पर स्थानीय पंचायत सड़क किनारे की वन भूमि पर कई सालों से अस्थायी दुकानों को लगाने की अनुमति देकर किराया वसूलती रही है। लेकिन, इस बार वन विभाग ने पंचायत को वन भूमि पर दुकानें आवंटित करने पर रोक लगा दी थी और इस बारे में पंचायत को लिखित में आदेश भी जारी किए थे। बावजूद इसके पंचायत ने सालों की परंपरा की बात करते हुए दुकानों का आवंटन कर दिया। जिसके बाद वन रेंज अधिकारी और डीएफओ हमीरपुर ने पुलिस थाना बड़सर में पंचायत के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। विभाग का कहना है कि दुकानें लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही पर्यावरण भी दूषित होता है। अब चालान कोर्ट में पेश होने वाला है, जिसके चलते पंचायत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इधर, इस बारे में चकमोह पंचायत की प्रधान फूलां देवी का कहना है कि दियोटसिद्ध और चकमोह में चैत्र मेले के दौरान सालों से दुकानें लगती आई हैं। वन विभाग ने लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए जबरदस्ती पुलिस में केस दर्ज करवाया है। वहीं, डीएफओ हमीरपुर प्रीति भंडारी का कहना है कि पंचायत को चैत्र माह के मेलों के दौरान वन भूमि पर दुकानें न लगाने के बारे में आदेश दिए थे। लेकिन, उन्होंने जबरदस्ती दुकानें आवंटित कर दीं। इस दौरान वन कर्मियों से झगड़ा भी किया गया। पुलिस में केस दर्ज है, शीघ्र कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
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उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध का अधिकतर क्षेत्र ग्राम पंचायत चकमोह के अधीन आता है। हर साल मार्च माह के दौरान मंदिर में चैत्र माह के मेलों का आयोजन होता है। इस दौरान देश और विदेश से श्रद्धालु बाबा के दरबार में शीश नवाने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की लाखों की संख्या में पहुंचने पर स्थानीय पंचायत सड़क किनारे की वन भूमि पर कई सालों से अस्थायी दुकानों को लगाने की अनुमति देकर किराया वसूलती रही है। लेकिन, इस बार वन विभाग ने पंचायत को वन भूमि पर दुकानें आवंटित करने पर रोक लगा दी थी और इस बारे में पंचायत को लिखित में आदेश भी जारी किए थे। बावजूद इसके पंचायत ने सालों की परंपरा की बात करते हुए दुकानों का आवंटन कर दिया। जिसके बाद वन रेंज अधिकारी और डीएफओ हमीरपुर ने पुलिस थाना बड़सर में पंचायत के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। विभाग का कहना है कि दुकानें लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही पर्यावरण भी दूषित होता है। अब चालान कोर्ट में पेश होने वाला है, जिसके चलते पंचायत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इधर, इस बारे में चकमोह पंचायत की प्रधान फूलां देवी का कहना है कि दियोटसिद्ध और चकमोह में चैत्र मेले के दौरान सालों से दुकानें लगती आई हैं। वन विभाग ने लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए जबरदस्ती पुलिस में केस दर्ज करवाया है। वहीं, डीएफओ हमीरपुर प्रीति भंडारी का कहना है कि पंचायत को चैत्र माह के मेलों के दौरान वन भूमि पर दुकानें न लगाने के बारे में आदेश दिए थे। लेकिन, उन्होंने जबरदस्ती दुकानें आवंटित कर दीं। इस दौरान वन कर्मियों से झगड़ा भी किया गया। पुलिस में केस दर्ज है, शीघ्र कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
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