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सिरहाली खड्ड में स्पर निर्माण में घटिया पत्थर लगाने का आरोप
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:23 PM IST
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बड़सर(हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के अंतर्गत पड़ती सिरहाली खड्ड में स्पर (जाले वाला डंगा) निर्माण के लिए घटिया पत्थर लगाने का आरोप लगाया है। इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और टेंडर नियमों को ध्यान नहीं रखा गया। लोगों की शिकायत मिलने पर आईपीएच अभियंता बड़सर ने ठेकेदार का निर्माण कार्य रुकवा दिया है और विभाग के अधिकारियों को इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। आईपीएच विभाग द्वारा सिरहाली खड्ड झंझयाणी में नाबार्ड से लगभग सवा करोड़ की लागत से 100 मीटर स्पर निर्माण किया जाना है। सरकार द्वारा जारी बजट के मुताबिक लगभग 62 लाख का टेंडर लगा दिया है, लेकिन ठेकेदार द्वारा स्पर निर्माण कार्य में भारी कोताही बरती जा रही है। एक स्थानीय व्यक्ति ने अभियंता को शिकायत कर आरोप लगाया कि है कि स्पर निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
टेंडर नियम के मुताबिक इमसें बढ़िया पत्थर लगाया जाना है और कम से कम 18 किलोग्राम का पत्थर होना जरूरी है। स्पर निर्माण की जाली का साइज 4 इंच होना आवश्यक है लेकिन जाली का साइज 8 इंच प्रतीत हो रहा है। स्पर निर्माण में पत्थर भी घटिया किस्म के निर्धारित वजन से कम लगाए जा रहे हैं। घटिया निर्माण की शिकायत मिलने पर अभियंता ने ठेकेदार को निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए है और टेंडर नियमों के मुताबिक कार्य करने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठेकेदार का भाई विभाग में मुख्य ओहदे पर कर्मचारी कार्यरत है। इसलिए विभाग कार्रवाई करने से गुरेज कर रहा है। ठेकेदार ने आधे से अधिक निर्माण कार्य कर लिया था लेकिन अभियंता के निर्देश के अनुसार ठेकेदार को दोबारा से निर्माण करना पड़ेगा। इस संबंध में आईपीएच विभाग बड़सर के अधिशासी अभियंता जितेंद्र गर्ग का कहना है कि उन्हें जानकारी मिलने पर तुरंत निर्माण कार्य रुकवा दिया और ठेकदार को निर्माण में गुणवत्ता व टेंडर नियमों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं होगा।
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टेंडर नियम के मुताबिक इमसें बढ़िया पत्थर लगाया जाना है और कम से कम 18 किलोग्राम का पत्थर होना जरूरी है। स्पर निर्माण की जाली का साइज 4 इंच होना आवश्यक है लेकिन जाली का साइज 8 इंच प्रतीत हो रहा है। स्पर निर्माण में पत्थर भी घटिया किस्म के निर्धारित वजन से कम लगाए जा रहे हैं। घटिया निर्माण की शिकायत मिलने पर अभियंता ने ठेकेदार को निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए है और टेंडर नियमों के मुताबिक कार्य करने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठेकेदार का भाई विभाग में मुख्य ओहदे पर कर्मचारी कार्यरत है। इसलिए विभाग कार्रवाई करने से गुरेज कर रहा है। ठेकेदार ने आधे से अधिक निर्माण कार्य कर लिया था लेकिन अभियंता के निर्देश के अनुसार ठेकेदार को दोबारा से निर्माण करना पड़ेगा। इस संबंध में आईपीएच विभाग बड़सर के अधिशासी अभियंता जितेंद्र गर्ग का कहना है कि उन्हें जानकारी मिलने पर तुरंत निर्माण कार्य रुकवा दिया और ठेकदार को निर्माण में गुणवत्ता व टेंडर नियमों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं होगा।
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