{"_id":"6296590ea2932500a70155ec","slug":"11-to-14-age-group-who-have-dropped-out-hamirpur-hp-news-sml410667519","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल न जाने वाली 11 से 14 आयु वगऱस छात्राओं को स्कूलों से जोड़ेगा विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल न जाने वाली 11 से 14 आयु वगऱस छात्राओं को स्कूलों से जोड़ेगा विभाग
विज्ञापन
हमीरपुर। शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास जिलाभर में कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव के तहत सर्वे करवाएंगे। इसमें जिलाभर से स्कूल न जाने वाली 11 से 14 आयु वर्ग की छात्राओं की पहचान कर उन्हें पढ़ाई से जोड़ा जाएगा। कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव योजना के माध्यम से उन सभी छात्राओं को शिक्षा प्रदान की जाएगी जो किसी कारण से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई हैं।
स्कूलों की ओर से जिलाभर में सर्वेक्षण के बाद चिह्नित बालिकाओं का डाटा प्रबंधन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद उन्हें दोबारा स्कूलों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इस अभियान का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सर्वेक्षण के माध्यम से छात्राओं को औपचारिक, आधारभूत शिक्षा प्रदान की जाएगी। इससे छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। वहीं, उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा। इस संबंध में डाइट प्रधानाचार्य धर्मपाल चौधरी का कहना है कि कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव योजना के तहत जिलाभर के स्कूल प्रमुखों को छात्राओं का डाटा एकत्रित कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चिह्नित बालिकाओं को पढ़ाई से जोड़ा जा सके।
विज्ञापन
स्कूलों की ओर से जिलाभर में सर्वेक्षण के बाद चिह्नित बालिकाओं का डाटा प्रबंधन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद उन्हें दोबारा स्कूलों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इस अभियान का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सर्वेक्षण के माध्यम से छात्राओं को औपचारिक, आधारभूत शिक्षा प्रदान की जाएगी। इससे छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। वहीं, उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा। इस संबंध में डाइट प्रधानाचार्य धर्मपाल चौधरी का कहना है कि कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव योजना के तहत जिलाभर के स्कूल प्रमुखों को छात्राओं का डाटा एकत्रित कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चिह्नित बालिकाओं को पढ़ाई से जोड़ा जा सके।
विज्ञापन