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दो गड्ढों वाले शौचालय के मल से तैयार होगी खाद
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:33 PM IST
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हमीरपुर। दो गड्ढों वाले शौचालय से अब खेतों में डालने के लिए खाद तैयार की जाएगी। जिला सहित प्रदेश में दो गड्ढों के शौचालय बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग के सौजन्य से लोगों को ब्लॉक, पंचायत स्तर पर दो गड्ढों का शौचालय बनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 20 फीसदी लोगों के घर में ही दो गड्ढों वाले शौचालय हैं। जबकि, 80 फीसदी घरों में एकल गड्ढे का शौचालय है। एकल गड्ढे का शौचालय दस या बीस सालों में जब अपशिष्ट से भर जाएगा तो लोग उसे खाली करवाएंगे। भरने के एकदम बाद उसे खाली करवाने से गंदगी फैलेगी।
जबकि दो गड्ढों के शौचालय का एक गड्ढा अगर पांच सालों में भरता है तो चेंबर की मदद से दूसरे गड्ढे का प्रयोग आगामी अवधि के लिए किया जाएगा। करीब दो सालों तक जब भरे हुए गड्ढे में अपशिष्ट की सप्लाई न होगी तो उसमें मौजूद अपशिष्ट बिल्कुल सूख कर खाद का रूप धारण करेगा। इस गड्ढे में जमा अपशिष्ट में पेड़-पौधों के पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होगी और इसका प्रयोग खेतों और बागवानी के लिए किया जाएगा। इसलिए विभाग लोगों को दो गड्ढों का शौचालय बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। यह गड्ढे आपस में कम से कम तीन मीटर की दूरी पर बनेंगे और यह ऊंचे भू-जल स्तर, पथरीली और ठोस भूमि पर नहीं बनेंगे। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग पंफ्लेट भी बांट रहा है। परियोजना अधिकारी एवं उपनिदेशक डीआरडीए डा. सुनील चंदेल नेे कहा कि इन गड्ढों को बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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जबकि दो गड्ढों के शौचालय का एक गड्ढा अगर पांच सालों में भरता है तो चेंबर की मदद से दूसरे गड्ढे का प्रयोग आगामी अवधि के लिए किया जाएगा। करीब दो सालों तक जब भरे हुए गड्ढे में अपशिष्ट की सप्लाई न होगी तो उसमें मौजूद अपशिष्ट बिल्कुल सूख कर खाद का रूप धारण करेगा। इस गड्ढे में जमा अपशिष्ट में पेड़-पौधों के पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होगी और इसका प्रयोग खेतों और बागवानी के लिए किया जाएगा। इसलिए विभाग लोगों को दो गड्ढों का शौचालय बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। यह गड्ढे आपस में कम से कम तीन मीटर की दूरी पर बनेंगे और यह ऊंचे भू-जल स्तर, पथरीली और ठोस भूमि पर नहीं बनेंगे। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग पंफ्लेट भी बांट रहा है। परियोजना अधिकारी एवं उपनिदेशक डीआरडीए डा. सुनील चंदेल नेे कहा कि इन गड्ढों को बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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