धर्मशाला: उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बोले- ऑनलाइन हो हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही
मंगलवार को धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा में दो दिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सम्मेलन के समापन समारोह में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को अब ऑनलाइन किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश और देशभर के नागरिक देख सकें कि लोकतंत्र का यह मंदिर कैसे कार्य करता है।
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प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को अब ऑनलाइन किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश और देशभर के नागरिक देख सकें कि लोकतंत्र का यह मंदिर कैसे कार्य करता है। यह बात उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा में दो दिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सम्मेलन के समापन समारोह में कही।
उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह किया कि प्रदेश की विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन किया जा। अगर दुनिया देखती है तो देखे कि हमारा आचरण क्या है, इस बात से क्या डरना। जमाना बदल रहा है, तकनीक के इस दौर में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन करना समय की मांग है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूरे प्रदेश का दौरा कर नशे के खिलाफ एक सशक्त वातावरण तैयार किया है।
राज्यपाल की ओर से नशे के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम को प्रदेश सरकार के प्रयासों के साथ समन्वय मिला है। राज्य बनने के समय से लेकर आज तक हम आर्थिक तौर पर संघर्ष कर रहे हैं। अग्निहोत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि हिमाचल जैसे छोटे पहाड़ी राज्यों के पास सीमित संसाधन हैं। बाकि केंद्र सरकार पर निर्भर हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के योगदान को भी ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आधुनिक हिमाचल के निर्माण में उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊपर और नीचे का हिमाचल की धारणाओं को तोड़ने के लिए वीरभद्र सिंह ने तपोवन में विधानसभा भवन का निर्माण करवाया। धर्मशाला में स्थित विधानसभा भवन को लेकर उन्होंने कहा कि यह भवन सिर्फ कुछ दिनों के लिए उपयोग में आने के बावजूद अपनी गरिमा और उद्देश्य में पूर्ण है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की इस विधानसभा का उपयोग विधायकों के प्रशिक्षण के लिए किया जाना चाहिए और इसके लिए पूर्व में एक प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन वह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया।