फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   CS said Garbage bins are necessary in private transport services taxis and tourist vehicles in Himachal

Himachal: मुख्य सचिव बोले- हिमाचल में निजी परिवहन सेवाओं, टैक्सियों एवं पर्यटक वाहनों में गार्बेज बिन जरूरी

Wed, 07 May 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 07 May 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक एवं निजी परिवहन व टैक्सियों में गार्बेज बिन रखना अनिवार्य किया गया है। सार्वजनिक व निजी परिवहन सेवाओं, टैक्सियों एवं पर्यटक वाहनों में अनाशित व आशित कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक से बनी वस्तुओं में भोजन या अन्य खाद्य पदार्थों के परोसने पर 1500 रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा।

विज्ञापन
CS said Garbage bins are necessary in private transport services taxis and tourist vehicles in Himachal
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने सोमवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक एवं निजी परिवहन व टैक्सियों में गार्बेज बिन रखना अनिवार्य किया गया है। इसमें सभी प्रकार के पर्यटक वाहन, सार्वजनिक एवं निजी परिवहन और टैक्सियां शामिल हैं।

विज्ञापन


प्रदेश में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने ये कदम उठाया है। मुख्य सचिव ने इस संबंध में व्यापक जन-जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाए जाने पर बल दिया, जिससे प्रदेशवासियों सहित आने वाले पर्यटकों को भी इस बारे जागरूक किया जा सकेगा। इस संबंध में सार्वजनिक व निजी परिवहन सेवाओं, टैक्सियों एवं पर्यटक वाहनों में अनाशित व आशित कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक से बनी वस्तुओं में भोजन या अन्य खाद्य पदार्थों के परोसने पर 1500 रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा। साथ ही लोक परिवहन वाहनों में कूड़ा-कचरा पात्र (गार्बेज बिन) स्थापित न करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किए जाने का प्रावधान है।

विज्ञापन

प्रबोध सक्सेना ने कहा कि प्रदेश में आशित कूड़ा-कचरा और अनाशित कूड़ा-कचरा अपशिष्ट को फेंकने की घटनाएं देखी जा रही हैं, जिसके कारण न केवल प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि नालों इत्यादि के जाम होने से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटक वाहनों के साथ-साथ सार्वजनिक एवं निजी परिवहन एवं टैक्सियों से कूड़ा फेंकने की घटनाएं देखी गई हैं। इसके मद्देनजर राज्य में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 5 और हिमाचल प्रदेश जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (नियंत्रण) अधिनियम-1995 की धारा-3-क की उपधारा (1) के तहत लोक जल निकास और मलव्ययन में कूड़ा-कचरा फेंकने को प्रतिबंधित किया गया है।
 

इसी अधिनियम के तहत प्रदेश में सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन व टैक्सी सेवाओं में गार्बेज बिन रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे कूड़े-कचरे का सही निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत प्रदेश में सभी प्रकार के पर्यटक वाहनों, सार्वजनिक एवं निजी परिवहन और टैक्सियों में गार्बेज बिन रखना अनिवार्य होगा।

उन्होंने बस अड्डा प्रभारियों और सार्वजनिक पार्किंग मालिकों को कूड़ा-कचरा संग्रहण करने की अनुपालना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed