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फोन टेपिंग मामले में धूमल पर गिर सकती है गाज
शिमला/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 19 Feb 2013 11:00 AM IST
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई है। मामला उनके कार्यकाल में थोक भाव में फोन टेपिंग का है जिसमें उनकी संलिप्तता की बात कही जा रही है। इस मामले ने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला खड़ा कर दिया है।
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खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आरोप लगाया कि धूमल सरकार के आदेश पर उनके फोन भी टैप करवाए गए। हिमाचल भवन चंडीगढ़ में उनके कमरे की जासूसी की गई। कान्फ्रेंस टेबल के नीचे दो माइक्रोफोन लगाए गए थे, ताकि सारी बातचीत रिकार्ड हो सके। फोरेंसिक रिपोर्ट से भी साफ हो गया है कि टैपिंग की लिस्ट में वह नंबर वन थे।
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उन्होंने फोन टेपिंग मामले पर कड़ी कारवाई की बात भी की है, उन्होंने साफ़ कहा की सभी फोन टेपिंग पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के इशारे पर ही किए गए है। नेताओं-अफसरों से लेकर आम नागरिकों की प्राइवेसी सुरक्षित नहीं थी। इससे साफ है कि राज्य पुलिस भाजपा सरकार के समय जर्मन सीक्रेट पुलिस की तरह काम कर रही थी, जिसकी अनुमति प्रजातंत्र में नहीं दी जा सकती।
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वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने फोन टैपिंग के आरोपों को नकारते हुए कहा कि यदि सरकार के पास प्रमाण हैं, तो वीरभद्र सिंह को कार्रवाई करनी चाहिए, दुष्प्रचार नहीं। टैपिंग के मशीनें पूर्व कांग्रेस सरकार के समय ही खरीदी गई थीं। उस समय जो टैपिंग हुई, क्या मुख्यमंत्री उसकी जिम्मेदारी लेंगे?
धूमल ने कहा कि पिछली सरकार में हार्ड डिस्क को दुष्प्रचार का माध्यम बनाया था और इस बार फोन टैपिंग को। लेकिन भाजपा यह ज्यादा दिन नहीं सहेगी। यदि जरूरी हुआ तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।