Sanjauli Mosque: संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराने को लेकर आया CM और मंत्री विक्रमादित्य सिंह का बयान
राजधानी शिमला के संजौली में बनी मस्जिद की तीन अवैध मंजिलें गिराने के लिए वक्फ बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद मस्जिद कमेटी ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी प्रतिक्रिया दी है।
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संजौली मस्जिद पर हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "मस्जिद के लोगों ने खुद कहा कि अगर कुछ अवैध है तो हम उसे गिरा देंगे, इसलिए हमारे मुस्लिम समुदाय के भाई, मस्जिद के प्रमुख, इमाम, वे खुद चाहते हैं कि इसे (गिरा दिया जाए) क्योंकि यह अवैध है।
#WATCH | Shimla: On Sanjauli mosque, Himachal Pradesh CM Sukhvinder Singh Sukhu says, "The people of the mosque themselves said that if something is illegal we will demolish it, so our brothers from the Muslim community, the head of the mosque, the Imam, they themselves want it… pic.twitter.com/d5MCnE6OJu
— ANI (@ANI) October 21, 2024विज्ञापन
विक्रमादित्य सिंह बोले- अच्छा माहौल बनाएं रखें
संजौली मस्जिद पर हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "उन्होंने जो पहल की है, मैं उसका स्वागत करता हूं। उन्होंने स्वेच्छा से अवैध भवन को ध्वस्त करने का फैसला किया है। मेरी लोगों से यही अपील है कि अच्छा माहौल बनाएं रखें और इस तरह की कोई परिस्थिति ना हो जिससे भाईचारा आपस में खराब हो। हमें प्रदेश को आगे लेकर जाना है और हमें लोगों के हितों की रक्षा करनी है।"
#WATCH शिमला: संजौली मस्जिद पर हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "उन्होंने जो पहल की है, मैं उसका स्वागत करता हूं...उन्होंने स्वेच्छा से अवैध भवन को ध्वस्त करने का फैसला किया है...मेरी लोगों से यही अपील है कि अच्छा माहौल बनाएं रखें और इस तरह की कोई… pic.twitter.com/EcDZmKKYgo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 21, 2024
उन्होंने कहा कि लोग मस्जिद बनाने के लिए पैसे देते हैं, लेकिन इसे गिराने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मस्जिद समिति ने बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज को एक पत्र लिखा था जिसमें मस्जिद को गिराने का काम शुरू करने की अनुमति मांगी गई थी क्योंकि वे इसके मालिक भी हैं। उन्होंने कहा कि कपूर ने इसे गिराने की अनुमति दी है लेकिन साथ ही साथ धन देने से इनकार कर दिया है, इसलिए हमें इसे गिराने में अधिक समय लगेगा। कोर्ट के निर्देशानुसार दो माह का समय दिया गया है, हालांकि उन्होंने और समय मांगा है और उनका कहना है कि वे कोर्ट से इस मामले में मोहलत लेंगे। साथ ही नेगी ने कहा कि उन्होंने शिमला के पुलिस अधीक्षक और नगर निगम आयुक्त को भी टेलीफोन के माध्यम से इस मामले की जानकारी दे दी है।
मस्जिद को गिराने और वैध करने को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा करीब दो माह पहले किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद नगर निगम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को आदेश दिया था कि मस्जिद को गिराया जाए, जिसमें मस्जिद की तीन अनाधिकृत मंजिलों को गिराने का आदेश दिया गया था, हालांकि मस्जिद कमेटी ने खुद इस अवैध निर्माण की दो मंजिलों को गिराने का अनुरोध किया था, ताकि समाज में भाईचारा बना रहे और सांप्रदायिक सौहार्द किसी भी तरह से खराब न हो।
हिमाचल मुस्लिम संगठन ने इस मामले को शिमला नगर निगम की अदालत में ले जाने की बात कही है और कोर्ट के फैसले पर टैब्लेट अथॉरिटी में सुनवाई होगी, इस पर कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि इस मामले में सभी लोग कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र हैं, उन्हें किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता, लेकिन कमेटी का यह फैसला सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए है। नेगी ने कहा कि शिमला जिले के 99 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के लोग उनके साथ हैं और हिंदू समुदाय के सभी लोग भी उनके समर्थन में हैं ताकि आपसी भाईचारा बना रहे।